कर्ज में डूबी मां ने काटी हाथों की नसें - बेटी ने फंदा लगा दी जान
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कर्ज लेकर बहुमंजिला इमारत में रहने का सपना एक परिवार के लिए काल बन गया। हाई क्लास सोसायटी में फ्लैट खरीदा, लेकिन समय पर किस्त नहीं दे पाए। कर्ज का बोझ इतना बढ़ा कि मूलरूप रूप से चंडीगढ़ निवासी विनीता ने बेटी मेहर (10) के साथ जान देने की योजना बनाई।
बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी। मां ने ब्लेड से हाथों की नसें काट लीं। उसकी गंभीर हालत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विनीता रावत (35) ने दो साल पूर्व एनएच-24 स्थित महागुनपुरम सोसायटी के नर्मदा टावर की 19वीं मंजिल पर (फ्लैट नंबर 1981) बुक किया था।
विनीता ने तीन माह पहले ही पति विक्रम सिंह व बेटी के साथ गृह प्रवेश किया। फ्लैट लोन लेकर खरीदा था, जिसकी करीब 20 हजार रुपये ईएमआई थी। विक्रम सिंह विनीता का दूसरा पति है।
19वीं मंजिल पर बुक किया था फ्लैट
दोनों की पांच साल पहले नोएडा स्थित एक कंपनी में नौकरी के दौरान मुलाकात हुई। विनीता ने पहले से शादीशुदा विक्रम सिंह से विवाह कर लिया। मौजूदा समय में दोनों की नौकरी छूट गई थी।
विक्रम ड्राइविंग करके केवल परिवार का खर्च व फ्लैट का मेंटिनेंस खर्च निकाल पर रहा था। पुलिस का कहना है कि शनिवार को विनीता ने बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए पति से 10 हजार रुपये मांगे थे, जिसे देने से उसने इंकार कर दिया।
इससे भी नाराज और निराश होकर रविवार सुबह विनीता ने हाथों की नसें काट लीं और बेटी ने घबराकर फंदा लगा जान दे दी। शनिवार रात में भी मां-बेटी ने फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की थी। एसपी सिटी आकाश तोमर का कहना है कि मौके से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।