डिमांड पर लग्जरी कार चुराने वाले दो भाई समेत चार गिरफ्तार
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डिमांड पर दिल्ली व एनसीआर से लग्जरी कारों की चोरी कर उसे फर्जी कागजात पर मिजोरम में बेचने वाले गैंग को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी दो भाइयों समेत एक खरीददार और इन वाहनों को मिजोरम तक पहुंचने वाले चालक को भी गिरफ्तार किया है।
खरीददार के पास से सात लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी से 34 वाहन चोरी के मामले सुलझाने का दावा कर रही है। आरोपी संभल जिले में फर्जी कागजात तैयार कराते थे।
बदमाशों की पहचान मुरथल सोनीपत निवासी अमित और उसके चचेरे भाई बुलंदशहर निवासी प्रमोद नागर के रूप में हुई है। जबकि खरीददार की पहचान मिजोरम निवासी कनसम राजेश सिंह और ड्राइवर संभल निवासी कासिफ रजा के रूप में हुई है।
वाहन चोरी निरोधक शाखा को कुछ माह से जिम और फिटनेस सेंटर के पास से लग्जरी कारें चोरी होने की शिकायत मिल रही थी। पुलिस ने इन जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। तभी पुलिस को राजौरी गार्डन स्थित एक जिम के पास से महेंद्रा एक्सयूवी चोरी होने की सूचना मिली।
कार में जीपीएस लगा था। इसकी मदद से पुलिस बुराड़ी इलाके में पहुंची। पुलिस को वहां कार खड़ी मिली। निगरानी कर कार को लेने पहुंचे एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान प्रमोद नागर के रूप में हुई। प्रमोद ने बताया कि उसका छोटा भाई अमित जिम और फिटनेस सेंटर के पास पार्किंग में खड़ी कारों को चोरी करता है।
इसके लिए वह पहले उस जिम में आना जाना शुरू करता है और डिमांड होने पर उस कार की चाबी की चोरी कर वाहन उड़ा लेता है। चोरी की गई कार को पहले किसी सुनसान जगह पर पार्क कर देते हैं। संभल के रहने वाले खरीददार सद्दाम और सारिक उन वाहनों के चेसिस नंबर को बदल देते हैं और फिर उसकी फर्जी कागजात तैयार कर उसे ड्राइवर कासिफ की मदद से मिजोरम भेज देते हैं।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर पीरागढ़ी इलाके से अमित और कासिफ रजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से सफारी कार बरामद की। बाद में पुलिस इनकी मदद से मिजोरम के खरीददार कनसम राजेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से पांच वाहन बरामद कर लिया है।
वाहन चोरों को एक गाड़ी से मिलते थे डेढ़ लाख रुपये
अमित ने पूछताछ में बताया कि डिमांड पर लग्जरी कारों की चोरी करने पर उसे एक से डेढ़ लाख रुपये मिलते थे। जबकि खरीददार सद्दाम और सारिक इन वाहनों को मिजोरम तक पहुंचाने वाले ड्राइवर को एक लाख रुपये देता था। मिजोरम के खरीददार राजेश सिंह सद्दाम को इन गाड़ियों का पांच से छह लाख रुपये देता था। फिर उसे 10 से 12 लाख में बेच देता था।