बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश
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साइबर सेल ने बीमा पॉलिसी पर ज्यादा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ठगी का यह धंधा दिल्ली के प्रेम नगर किराड़ी में बाकायदा कॉल सेंटर खोलकर चलाया जा रहा था।
आरोपियों की पहचान बदायूं (यूपी) निवासी नौशाद अली, प्रेम नगर किराड़ी, दिल्ली निवासी अंकुश पाल, बलजीत नगर (पटेल नगर, दिल्ली) निवासी सुहैल अहमद और डीडीए जनता फ्लैट पश्चिम विहार, दिल्ली निवासी ललिता के रूप में हुई।
पुलिस ने कॉल सेंटर से 21 लैंड लाइन फोन, छह मोबाइल, सिम, मुहरें आदि सामान बरामद किया है। पूछताछ में गैंग के सरगना नौशाद अली ने शहर के रिटायर्ड इंजीनियर से 50.72 लाख रुपये व अन्य से 80 लाख रुपये की ठगी की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों से आठ लाख रुपये भी बरामद किए।
दिल्ली के किराड़ी प्रेम नगर से ठगी का धंधा चला रहे थे
साइबर सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर जसवीर ने बताया कि सेक्टर-10 में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर बद्रीनाथ ने करीब पांच माह पहले ठगी का केस दर्ज कराया था। कुछ लोगों ने उन्हें फोन कर उनकी बीमा पॉलिसी पर कम समय में ज्यादा रिटर्न दिलाने की बात कही थी।
प्रतिष्ठित बीमा कंपनी का नाम लेने की वजह से बद्रीनाथ ने विश्वास कर उनकेबताए खातों में 50.72 लाख रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया।
इंस्पेक्टर जसवीर ने बताया कि जांच के दौरान दिल्ली के किराड़ी प्रेम नगर स्थित कॉल सेंटर से ठगी का धंधा चलाने की बात सामने आई। कॉल सेंटर में छापा मार कर आरोपियों को पकड़ लिया गया।
आरोपी नौशाद अली को इससे पहले आगरा पुलिस ने ठगी के आरोप गिरफ्तार किया था। सितंबर, 2015 में जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से यह धंधा शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर जसवीर ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों से आठ लाख रुपये मिले हैं, खातों की डिटेल चेक कर ठगी का शिकार होने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है।
बंटा हुआ है सबका काम
इंस्पेक्टर जसवीर ने बताया कि गैंग के लोगों का काम बंटा हुआ है। गैंग के सरगना नौशाद का काम बीमा कंपनियों के एजेंट को मोटी रकम देकर ग्राहकों का डाटा लेता है और कॉल सेंटर पर लड़के-लड़कियों की नियुक्ति करता है।
आरोपी अंकुश पाल नौकरी पर रखे गए लड़के-लड़कियों को ट्रेनिंग देता था। इन्हें कॉल करवाने के साथ ही कैश या चेक लेने के लिए ग्राहकों के पास भेजा जाता था। वहीं ललिता ग्राहकों को बीमा की आकर्षक पॉलिसी देने की बात कर झांसे में लेती थी, जबकि सुहैल अहमद इन सबका सहयोग करता था।
ऐसे फंसाते थे लोगों को
इंस्पेक्टर जसवीर ने बताया कि बीमा कंपनियों से डाटा लेने के बाद ग्राहकों को फोन कर कम समय में अधिक रिटर्न दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोपी लोगों को दस हजार से लेकर कई लाख रुपये तक के निवेश का प्रलोभन देते थे। इसके बाद कॉल सेंटर से लड़के-लड़कियों को ग्राहकों के घर भेजकर चेक या कैश कलेक्ट करा लेते थे।