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पांच लोगों को नहर में फेंकने के लिए इस्तेमाल की गई कार हुई बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:19 AM IST
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narora murder case
- फोटो : अमर उजाला
पांच लोगों को नरौरा नहर में फेंककर हत्या के मामले में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार पुलिस ने शुक्रवार को बरामद कर ली है। पुलिस ने कार मुगीश के कस्बे किठौर स्थित एक मेडिकल स्टोर के पास से बरामद की है।
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आरोपी कार की चाभी मेडिकल स्टोर संचालक को देकर प्रीति के साथ इलाहाबाद चला गया था। 25 अगस्त को नवादा निवासी राजे का परिवार लखनावली निवासी ओमपाल की ईको कार से बदायूं स्थित दरगाह पहुंचा था।
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वहीं, साजिश के तहत मैकेनिक मुगीश अपनी सेंट्रो कार से बदायूं पहुंच गया था। प्रीति के फ्रूटी में 30 नींद की गोलियां मिलाकर पिला देने के बाद आरोपी बंटी ढाबे पर पहुंचा था।
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यहां से मुगीश और प्रीति दोनों चालक ओमपाल, मौलवी सलीमुद्दीन समेत परिवार के तीनों सदस्यों को बेहोशी की हालत में लेकर नरौरा पहुंचे थे। यहां दोनों ने पांचों को ईको समेत बेहोशी की हालत में नहर में धक्का दे दिया था।
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हत्यारोपी प्रेमी युगल पर लग सकता है एससी-एसटी एक्ट
narora murder case
- फोटो : अमर उजाला
इनमें से चार शव पुलिस ने बरामद कर लिए, लेकिन ओमपाल का शव अब तक बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस मान रही है कि उसकी भी हत्या की जा चुकी है।
भाई के लिए चाभी दी, कार लेने नहीं पहुंचा
वारदात के बाद मुगीश और प्रीति एक ट्रक में सवार होकर वापस बदायूं पहुंचे और यहां सेे सेंट्रो कार लेकर मेरठ चले गए। मेरठ होटल में रुकने के बाद मुगीश कार लेकर अपने कस्बे किठौर पहुंच गया।
यहां मुगीश ने एक मेडिकल स्टोर संचालक को चाभी सौंप दी और भाई को देने के लिए कहा। पुलिस का कहना है कि कार वहीं खड़ी रही उसका भाई लेने नहीं पहुंचा। वहीं, पुलिस ने यह भी कहा है कि यह मेडिकल स्टोर संचालक वह नहीं था जिसने मुगीश को नींद की गोलियां उपलब्ध कराईं थीं।
हत्यारोपी प्रेमी युगल पर लग सकता है एससी-एसटी एक्ट
चालक ओमपाल के तीन बच्चे हैं, उसका शव बरामद न होने से कानूनी अड़चन आ सकती है। इसके चलते पुलिस विवेचना में साक्ष्य और बयानों के आधार पर उसे मृत घोषित कर मुआवजा दिलाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, ओमपाल के दलित होने के कारण इस मामले में एससी-एसटी एक्ट भी लगाया जा सकता है, जिससे पीड़ित परिवार को अधिक मुआवजा दिलाकर मदद की जा सके।
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वहीं, ओमपाल के दलित होने के कारण इस मामले में एससी-एसटी एक्ट भी लगाया जा सकता है, जिससे पीड़ित परिवार को अधिक मुआवजा दिलाकर मदद की जा सके।