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महिला जज को मिली जमानत, सीबीआई ने घूस लेते किया था गिरफ्तार

Tue, 04 Oct 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 04 Oct 2016 12:27 AM IST
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Female judge bail, the CBI had arrested bribery
Senior Civil Judge Rachna Tiwari Lakhanpal,

घूस कांड में गिरफ्तार सीनियर सिविल जज रचना तिवारी लखनपाल को सीबीआई अदालत ने सोमवार को जमानत प्रदान कर दी। सीबीआई ने चार लाख की घूस लेते हुए महिला जज को गिरफ्तार किया था। 

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इसी मामले में सीबीआई ने महिला जज के पति आलोक लखनपाल व अधिवक्ता विकास मेहन को भी गिरफ्तार किया था। तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज संजीव अग्रवाल ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक जमानती की शर्त पर महिला जज रचना तिवारी लखनपाल को जमानत दे दी। 
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अदालत ने जमानत प्रदान करते हुए गवाहों को धमकाने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने की हिदायत आरोपी महिला जज को दी है। 

'बच्चों की देखभाल करनी है, क्योंकि उनका पति जेल में है'

Female judge bail, the CBI had arrested bribery
Judge Rachna Tiwari Lakhanpal

बचाव पक्ष के अधिवक्ता विकास पाहवा ने याचिका पर बहस करते हुए कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और उनके मुवक्किल का इस अपराध से कोई सीधा संबंध नहीं है। 

उन्हें अपने बच्चों की देखभाल करनी है, क्योंकि उनका पति जेल में है। इसके मद्देनजर उनकी मुवक्किल को जमानत दी जाए। वहीं सीबीआई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच शुरुआती दौर में है। 

इसमें अभी साजिश की जांच के लिए महिला जज के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जानी है। इस अपराध में सभी आरोपियों के बीच सीधा संबंध है। 

आरोपियों ने व्हाट्सऐप संदेशों का किया था इस्तेमाल

Female judge bail, the CBI had arrested bribery
judge

इस घूस केस को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने व्हाट्सऐप संदेशों का इस्तेमाल किया था। वहीं विशाल मेहन की ओर से मंगलवार को जमानत याचिका दायर हो सकती है।
 
पेश मामले में जांच एजेंसी ने विशाल मेहन को लोकल कमिश्नर (एलसी) नियुक्त करने के लिए चार लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए 28
सितंबर, 2016 की रात रचना तिवारी लखनपाल को गुलाबी बाग स्थित सरकारी आवास से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। 

इसके बाद सीबीआई ने आलोक लखनपाल व एलसी विकास मेहन को 29 सितंबर की सुबह गिरफ्तार किया था। सीबीआई का आरोप है कि लखनपाल ने विशाल मेहन को एलसी नियुक्त करने के लिये 20 लाख रुपये की घूस मांगी थी। 

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