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'जज साहब, मौसा ने नहीं किया मेरा रेप'
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 Jan 2014 02:04 PM IST
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दिल्ली की एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने भतीजी से दुष्कर्म व जबरन शादी मामले में पीड़िता के बयान के बाद आरोपी को बरी कर दिया है। पीड़िता ने बयान में कहा कि उसने अपनी मर्जी से आरोपी से विवाह किया था।
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कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टीआर नवल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पीड़िता ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया है। उसके बयान विरोधाभासी व अविश्वसनीय हैं। उसके बयान के आधार पर दुष्कर्म, यौन शोषण, धमकी देने व दुष्कर्म के लिए उकसाने के आरोप साबित नहीं हो सकते।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक पीड़िता ने मई 2013 में मयूर विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसका आरोप था कि वह मार्च 2013 में अपनी मौसी के घर गई थी। वहां उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक दी गई।
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कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद उसे चक्कर आने लगा। तब उसके मौसा ने उसे घर छोड़ने की पेशकश की, लेकिन उसे सूनसान जगह पर ले गया और दुष्कर्म किया।
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अगले दिन वह उसे अपनी कार में ले गया और दोनों के न्यूड फोटो व वीडियो दिखाकर उसके भाई को मारने की धमकी दी। इसके बाद उसके मौसा ने उससे जबरन शादी की और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पुलिस को जो बयान दिया था, अदालत ने उससे पूरी तरह पलट गई और सहमति से शादी करने की बात कही।