फर्जी कॉल सेंटर का हुआ भंडाफोड़, लगभग 100 चीजें की बरामद
शाहदरा जिला पुलिस ने बैंक खातों के ओटीपी (वन टाइन पासवर्ड) जानकर भोले-भाले लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो एक्टिवेटिड सिम विक्रेताओं समेत कुल सात आरोपियों को दबोचा है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजय चड्ढा (45), संजीव चड्ढा (47), आमिर खान (28), अभिषेक (26), कुंदन गुप्ता (25), संदीप सिंह (27) और सत्यन विजय राठौर (27) के रूप में हुई है। संजय व संजीव सगे भाई हैं व दोनों सिमकार्ड विक्रे ता हैं।
वहीं अभिषेक बीटेक इंजीनियर है। पुलिस को सिमकार्ड के मुख्य विक्रेता व कॉल सेंटर के दो निदेशकों की तलाश है। आरोपियों से 60 एक्टिवेटिड सिमकार्ड, 20 वॉकी-टॉकी और 11 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि एक सूचना के आधार पर 18 नवंबर को जीटी रोड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास एमएस पार्क थाना पुलिस ने संजय चड्ढा को 28 एक्टिवेटिड सिमकार्ड के साथ दबोचा।
सभी सिमकार्ड फर्जी आईडी के आधार पर निकलवाई गईं थीं। रिमांड के दौरान उसने बताया कि वह अपने भाई संजीव चड्ढा के साथ मिलकर एक्टिवेटिड सिमकार्ड का धंधा करता है। फर्जी आईडी के आधार पर अक्षय नामक युवक उसे सिम मुहैया कराता है।
ऐसे देते थे ठगी की वारदात को अंजाम
इसके बाद ये लोग विभिन्न कॉल सेंटर को मोटी रकम लेकर सिमकार्ड उपलब्ध करा देतेे थे। इसके बाद फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले फर्जी सिमकार्ड से ठगी करते थे। पुलिस ने संजय से पूछताछ कर दक्षिण-पश्चिम जिले के सागरपुर में जस्ट डील बाजार नाम से चल रहे कॉल सेंटर से पांच लड़कों को दबोचा।
कॉल सेंटर तिशु वर्मा व ऋषु वर्मा नामक शख्स चला रहे थे। आरोपी लोग गैंग खाता धारकों से उनका ओटीपी नंबर जानकर उनके साथ ठगी कर लेते थे। पकड़े गए आरोपियों में अभिषेक बीटेक है। पुलिस ने बाद में संजय के भाई संजीव को भी दबोच लिया।
आरोपियों ने बताया कि ये लोग फर्जी आईडी पर संजय व संजीव से एक्टिवेटिड सिमकार्ड ले लेते थे। उसके बाद कॉल सेंटर में युवक द्वारा जुटाए डाटा के आधार पर दक्षिण भारत के खाता धारकों को कॉल करते थे। किसी न किसी बहाने उनका ओटीपी नंबर पता लगाकर ऑन लाइन उनके खाते से मोटी रकम निकाल लेते थे।
1000 सिमकार्ड बेच चुके हैं दोनों भाई
संजय ने बताया कि वह अपने भाई के साथ पिछले काफी समय से एक्टिवेटिड सिमकार्ड का धंधा कर रहा है। ये लोग अब तक 1000 से अधिक सिमकार्ड बेच चुके हैं।