फर्जी कॉल सेंटर का यूं फूटा भंडा, डेढ़ साल से नौकरी दिलवाने के नाम पर करते थे ठगी
गुरुग्राम पुलिस ने छापेमारी कर दिल्ली के तुगलकाबाद में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।
आरोपी नौकरी दिलवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लोगों से रुपये ऐेंठते थे। कॉल सेंटर से पुलिस ने 60 कंप्यूटर और 47 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसका संचालन मथुरा का रहने वाला एक दंपती कर रहा था, जो अभी फरार है। पुलिस का दावा है कि जल्दी ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एसीपी क्राइम शमशेर सिंह ने बताया कि11 सितंबर को पुलिस को शिकायत मिली कि नौकरी दिलवाने के नाम पर एक कॉल सेंटर ने 2.26 लाख रुपये की ठगी की है। मामले की जांच साइबर अपराध शाखा को सौंपी गई।
जांच में मामला सही पाए जाने पर 7 दिसंबर को सदर थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पड़ताल किया गया तो पता चला कि तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन के नजदीक मोहन को-ऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एस्टेट नामक कॉल सेंटर से ठगी का खेल चल रहा है।
वहां छापेमारी की गई तो बड़ी संख्या में लड़के-लड़कियां फोन के माध्यम से लोगों को नौकरी दिलवाने के संबंध में कॉल कर रहे थे। पुलिस को कॉल सेंटर का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर वहां काम कर रहे 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डेढ़ साल से चल रहा था कॉल सेंटर
एसीपी क्राइम ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि यह कॉल सेंटर पिछले डेढ़ साल से चल रहा है। इसमें काम करने वाले लड़के व लड़कियों को प्रतिदिन 40 लोगों का डाटा दिया जाता है।
ये फोन करके उन्हें नौकरी दिलवाने का वादा करते हैं और इसके एवज में पैसों की मांग करते हैं। एसीपी क्राइम का कहना है कि सभी नौकरी करने वाले युवक ठगी की बात को जानते थे। शुरू में लोगों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 से 2000 रुपये लेते है और बाद में फर्जी इंटरव्यू लेटर देकर बड़ी रकम की मांग कर अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करवाते थे।