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डीयू की फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले को अग्रिम जमानत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Oct 2016 12:22 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के जरिये उच्च शिक्षा प्राप्त कर नौकरी करने वाले अनुज भूषण नाम के व्यक्ति को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत प्रदान करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा यह एक गंभीर मामला है और आरोपी जमानत पाने का हकदार नहीं है। न्यायमूर्ति एसपी गर्ग के समक्ष याची ने अग्रिम जमानत आवेदन दायर कर आरोप लगाया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है।
उसकी डिग्री गुम हो गई थी और उसने डिग्री की फोटोकॉपी स्वयं सत्यापित कर दी है। ऐसे में उसे अग्रिम जमानत प्रदान की जाए।वहीं, दूसरी तरफ सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी ने डीयू से बी.कॉम की फर्जी डिग्री के जरिये पुणे के सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट
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से डिप्लोमा कर कई प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी हासिल की।
इतना ही नहीं इंस्टीट्यूट ने भी उसे अपनी डिग्री की मूल प्रति जमा करवाने का निर्देश दिया लेकिन उसने नहीं दी। बाद में उसकी मार्कशीट व ग्रेजुएट डिप्लोमा रद कर दिया गया लेकिन उसने उसे चुनौती तक नहीं दी।
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अदालत ने कहा यह एक गंभीर मामला है और आरोपी जमानत पाने का हकदार नहीं है। न्यायमूर्ति एसपी गर्ग के समक्ष याची ने अग्रिम जमानत आवेदन दायर कर आरोप लगाया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है।
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उसकी डिग्री गुम हो गई थी और उसने डिग्री की फोटोकॉपी स्वयं सत्यापित कर दी है। ऐसे में उसे अग्रिम जमानत प्रदान की जाए।वहीं, दूसरी तरफ सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी ने डीयू से बी.कॉम की फर्जी डिग्री के जरिये पुणे के सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट
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से डिप्लोमा कर कई प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी हासिल की।
इतना ही नहीं इंस्टीट्यूट ने भी उसे अपनी डिग्री की मूल प्रति जमा करवाने का निर्देश दिया लेकिन उसने नहीं दी। बाद में उसकी मार्कशीट व ग्रेजुएट डिप्लोमा रद कर दिया गया लेकिन उसने उसे चुनौती तक नहीं दी।