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कैब रजिस्ट्रेशन के बाद पहली सवारी थे डॉक्टर श्रीकांत और कर लिया अपहरण

Fri, 21 Jul 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 21 Jul 2017 10:21 AM IST
सार

नोट: खबर पश्चिम उत्तर-प्रदेश के लिए उपयोगी है      


सबहेड 
प्रीत विहार से ओला कैब में पांच करोड़ की फिरौती के लिए डॉक्टर के अपहरण का मामला      

दिल्ली पुलिस चार आरोपियों को लेकर दिल्ली पहुंची, मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपी फरार      
दादरी के रहने वाले दोनों भाई सुशील और अनुज ने रची थी पूरे मामले की साजिश      

अमर उजाला ब्यूरो      
नई दिल्ली। 

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doctor shrikant was first passenger of ola cab after registration in delhi
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के प्रीत विहार इलाके से छह जुलाई को पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अगवा डॉ.श्रीकांत और पकड़े गए चार बदमाशों को लेकर दिल्ली पुलिस की टीम बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंच गई।

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मुठभेड़ के बाद काबू किए गए बदमाशों की पहचान रोहटा रोड, मेरठ निवासी प्रमोद कुमार (44), गांव खडी, मीरापुर, मुजफ्फरनगर निवासी अमित कुमार (37), शताब्दी नगर, मेरठ निवासी सोहनवीर गुर्जर (49) और गांव शब्बीरपुर, बडगांव, सहारनपुर निवासी नेपाली उर्फ गोवर्धन (44) के रूप में हुई है।
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प्रमोद के पैर में गोली लगी है। मुख्य साजिशकर्ता दोनों भाई गांव दादरी, दौराला, मेरठ निवासी सुशील मोतला (32) और अनुज मोतला (28) व दो अन्य आरोपी गौरव शर्मा और विवेक मोदी अभी फरार हैं।
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पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि सुशील व अनुज ने कई माह पूर्व ओला कंपनी से फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। इसके लिए 4 जुलाई को फर्जी कागजात से एक वैगनआर कार ओला में रजिस्टर्ड करवाई।

6 जुलाई की रात को सुशील कार लेकर मैक्स अस्पताल पटपड़गंज के पास मौजूद था। इसी दौरान ओला के कॉल सेंटर में गौतम नगर के लिए प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे से एक कॉल आई।

कैब चालक सुशील तुरंत वहां पहुंच गया। उसने डॉक्टर श्रीकांत को कैब में बिठाया। सुशील की श्रीकांत पहली ही सवारी था। सुशील कुछ ही दूर लेकर कैब चला था, इसी दौरान सेंट्रो कार सवार चार बदमाशों ने कैब रुकवा ली और सभी उसमें सवार हो गए।

कैब को मेरठ ले जाया गया। इधर, ओला कैब को फिरौती की कॉल मिली तो पुलिस हरकत में आ गई। दो डीसीपी, चार एसीपी, पूर्वी रेंज के स्पेशल स्टाफ, एएटीएस, स्पेशल सेल की टीम छानबीन में लगी।

यूपी पुलिस का भी सहयोग लिया गया। बदमाश श्रीकांत के मोबाइल से कॉल कर रहे थे। लोकेशन गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की मिल रही थी।

150 पुलिस कर्मियों की टीम को अलग-अलग  स्थानों पर लगाया गया। एक सुराग पर रविवार को पैसे लेने के बहाने मेरठ के सकोती में पुलिस से बदमाशों की हल्की मुठभेड़ भी हुई, लेकिन बदमाश मौके पर कार छोड़कर भागने में कामयाब हो गए।

सुशील व अनुज ने रची पूरी साजिश

doctor shrikant was first passenger of ola cab after registration in delhi

इधर, पुलिस को बुधवार दोपहर सूचना मिली कि बदमाशों ने श्रीकांत को शताब्दी नगर में सोहनवीर गुर्जर के मकान में रखा है। मुखबिरों ने बताया कि नेपाली नामक बदमाश की मदद से डॉक्टर को हरिद्वार में शिफ्ट किया जाएगा।

इसके बाद मेरठ के मकान की घेराबंदी की गई। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। बाद में चारों बदमाशों को काबू कर श्रीकांत को सकुशल मुक्त करा लिया गया। छानबीन में पुलिस को पता चला कि सुशील व अनुज ने पूरी साजिश रची।

दोनों ही ओला में पहले काम कर चुके थे। इसके लिए उन्होंने अपने पड़ोसी गौरव शर्मा व विवेक उर्फ मोदी का साथ लिया। सुशील की बुआ का लड़का प्रमोद जो मेरठ का बदमाश है, उसने श्रीकांत को छुपाने का इंतजाम, हथियार व अन्य लोगों का इंतजाम कराया।

सोहनवीर के मकान में श्रीकांत को कुछ समय के लिए छुपाया गया, वहीं अमित व नेपाली को लालच देकर शामिल किया गया। फिलहाल मुख्य आरोपियों समेत चार आरोपी फरार हैं।      

आरोपियों के पास से यह सामान हुआ बरामद...
दो पिस्टल, 18 कारतूस,  एक वैगनआर कार, चार एल्युमिनियम मास्क (गन्ने के खेत में भागने के लिए), भागने के दौरान हाथों व पैरों पर लपटने के लिए एल्युमिनियम फॉयल, रबर बैंड और भारी मात्रा में भर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

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