टीबी के मरीज और सात बच्चों के पिता की बेरहमी से गला रेतकर हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद के खेड़ी कलां गांव में रहने वाले दलित राजेश उर्फ डमरू जोगी की अज्ञात हमलावरों ने बुधवार देर रात चाकू से गोदने के बाद गला काट कर हत्या कर दी। टीबी के मरीज और सात बच्चों के पिता राजेश की गांव में किसी से रंजिश भी नहीं थी। परिजन भी उसकी हत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने के साथ ही पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई है।
पोस्टमॉर्टम हाउस शव लेने पहुंचे भाई गुलाब के मुताबिक राजेश शराब का आदी था। बुधवार रात गांव के बड़ा मोहल्ला स्थित अपने घर में राजेश ने खाना खाया और दारू पी। गुलाब के मुताबिक इसके बाद राजेश उससे मिलने के लिए कउवा मोहल्ला स्थित उसके घर आ रहा था।
रास्ते में किसी ने चाकू से गोदने के बाद गला काट कर उसकी हत्या कर दी। राजेश का शव गांव के अशोक की किराने की दुकान के सामने पड़ा मिला। गुलाब के मुताबिक रात में छोटा भाई विक्की उधर से गुजर रहा था तो लोगों की भीड़ देख कर ठहर गया।
शक की सुई करीबियों पर
उसने शव देखते ही राजेश को पहचान लिया और गुलाब को सूचना दी। इससे पहले अशोक पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दे चुका था। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों से बयान दर्ज लेने और पंचनामा करने के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हत्या किसने और क्यों की इसकी जानकारी करने में पुलिस जुटी है। एसएचओ भूपानी इंस्पेक्टर अनिल ने बताया कि केस दर्ज कर हत्यारे की तलाश की जा रही है।
शक की सुई करीबियों पर
गुलाब ने बताया कि गांव के लोगों ने शव पड़ा देखा लेकिन मृतक राजेश को पहचान नहीं सके। गांव के पूर्व सरपंच साहेब सिंह के मुताबिक राजेश को पूरा गांव जानता था। इस आधार पर गुलाब का यह बयान देना कि गांव वालों ने मृतक को नहीं पहचाना और उधर से गुजर रहा छोटा भाई विक्की भीड़ देखकर रुक गया तो लोगों ने उससे पहचान करने को कहा संशय पैदा करता है।
गांव वालों के मुताबिक राजेश बुधवार देर शाम गुलाब से मिलने गया था रात को वह गुलाब के घर से वापस बड़े मोहल्ला स्थित अपने घर वापस जा रहा था कि हत्या हो गई। गांव वालों के मुताबिक राजेश की किसी से कोई रंजिश या दुश्मनी भी नहीं थी। गांव के दो लोगों बहुत साल पहले उसका झगड़ा हुआ था लेकिन अब कोई बात नहीं है। गांव वालों का मानना है कि राजेश की हत्या में उसके किसी अपने का ही हाथ है।