..तो इस तरह फिल्मी अंदाज में पुलिस की आंखों में मिर्च झोंक कर फरार हुए बदमाश
ये तो बेहद फिल्म के दृश्स के जैसा मालूम पड़ता है कि बदमाश पुलिस की आंखों में मिर्च डाल कर भाग निकले, जाने ऐसा क्या मामला था जो उन्हें ऐसा करना पड़ा..
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह फिल्मी अंदाज में बदमाश पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्चे झोंक पुलिस कस्टडी से अपने साथी को छुड़ा ले गए।
हत्या के मामले में मंडोली जेल में सजा काट रहे कैदी संदीप उर्फ संजय उर्फ ढिल्लों (35) को तीसरी बटालियन के तीन पुलिसकर्मी दांत के इलाज के लिए कॉलेज के अस्पताल में लाए थे। बाइक व स्कूटी पर आए बदमाशों ने वारदात के दौरान हवा में गोली भी चलाई।
बदमाशों का पीछा करते हुए पुलिसकर्मियों ने आरोपियों पर चार राउंड गोलियां चलाई, लेकिन बदमाश संदीप को लेकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। खबर मिलते ही मध्य जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रणधावा मौके पर पहुंच गए।
लापरवाही बरतने के आरोप में तीसरी बटालियन में तैनात एएसआई ब्रिज मोहन, नरेशपाल और हवलदार योगेंद्र को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।
हत्या के आरोप में सजा काट रहा था बदमाश
तीसरी बटालियन में तैनात पुलिस उपायुक्त देवतोश के.एस सिंह ने बताया कि मूलरूप से गांव जसोढ़ खेड़ी, बहादुरगढ़, झज्जर हरियाणा का रहने वाला संदीप 2004 में जनकपुरी इलाके में हुई हत्या के मामले उत्तर-पूर्वी दिल्ली की मंडोली जेल में सजा काट रहा था।
पिछले कुछ दिनों से उसके दांतों में दिक्कत थी। गत 9 फरवरी को जेल से संदीप को दिखाने के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) लाया गया था। आगे दुबारा संदीप को 19 फरवरी को दुबारा दिखाने की तारीख दी गई थी।
सोमवार सुबह एएसआई ब्रिज मोहन, नरेशपाल और हवलदार योगेंद संदीप को जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई मारुति ईको वैन से लेकर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आए थे। यहां इलाज के बाद पुलिसकर्मी उसे लेकर वैन की ओर जा रहे थे।
वैन एलएनजेपी अस्पताल व कॉलेज परिसर के अंदर मोर्चरी के पास रोड पर खड़ी थी। इसी दौरान बाइक व स्कूटी पर सवार होकर आए बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्चे झोंक दी।
पुलिसवाले मिर्च के वजह से दर्द से छटपटाने लगे
तीनों पुलिसकर्मी दर्द से छटपटाने लगे, लेकिन उन्होंने संदीप को नहीं छोड़ा। इसी दौरान स्कूटी सवार बदमाश ने एक गोली चलाकर संदीप को छुड़ाया, बाद में उसे बाइक पर बिठाकर फरार होने लगे।
हवलदार योगेंद्र ने अपनी ग्लोक पिस्टल से बदमाशों पर चार राउंड गोलियां भी चलाई, लेकिन बदमाश मौके से फरार हो गए। एक एएसआई ने पीसीआर कॉल कर मामले की सूचना पुलिस को दी।
कुछ ही देर बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। छानबीन के बाद आईपी इस्टेट थाने में सरकारी काम में बाधार, मारपीट, हमला और हत्या के प्रयाय व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। संदीप नीरज बवानिया गैंग का सदस्य बताया जा रहा है।
रैकी कर योजना बना दिया वारदात को अंजाम...
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों ने बेहद शातिर तरीके से अपने साथी संदीप को छुड़ाया गया है।
बदमाशों को अच्छी तरह इस बात की जानकारी थी कि सोमवार को संदीप को पुलिस की टीम कॉलेज में दिखाने आएगी। इसके लिए बदमाशों ने कॉलेज परिसर में सूनसान जगह का चुनाव किया।
अंदर ज्यादा रोड नहीं चलता है। रोड एलएनजेपी और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को आपस में जोड़ता है। ऐसे में यहां से संदीप को छुड़ाना बेहद आसान था। लोकल पुलिस के अलाला स्पेशल सेल और अपराध शाखा की टीम ने भी मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जेल प्रशासन या पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की आशंका...
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिना सूचना के बदमाशों ने इस पूरी योजना को अंजाम नहीं दिया है। बकायदा बदमाशों को जेल से मौलाना आजाद कॉलेज आने की सूचना थी।
वहीं आमूमन जब किसी कैदी को इस तरह से लाया जाता है तो उसे हथकड़ी लगी होती है, लेकिन संदीप को हथकड़ी लगाकर नहीं लाया गया था। इसको भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संदेह की निगह से देख रहे हैं।
उनका कहना है कि तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं वैन के चालक से भी पूछताछ की जा रही है।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि जिस वैन से संदीप को लाया गया था, उसे जेल प्रशासन निजी ट्रांसपोर्टर से किराए पर लिया था।
पुलिस ने कई जगह की सीसीटीवी फुटेज ली कब्जे में,जांच जारी...
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद बदमाश बाल भवन की ओर से फरार हो गए। पुलिस ने कॉलेज परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे और बाहर की कुछ सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है।
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद फुरकान नामक जूस दुकानदार ने पुलिसकर्मियों को पानी देकर आंखें धुलवाई थी।
फुरकान ने पुलिस को बताया कि उसने बदमाशों को नहीं देखा अलबत्ता पुलिसकर्मियों को गोली चलाते हुए जरूरत देखा था। पुलिस उससे व अन्य लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।