सीबीआई ने हुडा संपदा कार्यालय से मांगी फाइलें, बढ़ सकती है पूर्व मुख्यमंत्री की परेशानी
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हुए औद्योगिक प्लाटों के आवंटन की सीबीआई टीम ने शनिवार को जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गुड़गांव, फरीदाबाद सहित कई शहरों में सर्च अभियान शुरू किया है।
जिसमें एक टीम गुड़गांव पर भी नजर रख रही है। छानबीन के दौरान पता चला है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान सेक्टर-34 में एक-एक एकड़ के चार प्लाटों का आवंटन किया गया। लापरवाही के तहत यह प्लाट योग्य फर्म को न देकर चूना मंडी दिल्ली के कारोबारियों को आवंटित किए गए।
यह सभी प्लाट होंडा चौक के पास हाइवे से लगे हुए हैं। हुडा प्रशासक यशपाल यादव का कहना है औद्योगिक प्लाटों के आवंटन के मामले में सीबीआई जांच कर रही है। जो भी फाइल या जानकारी मांगी जाएगी उसे उपलब्ध कराया जाएगा। गौरतलब है कि सीबीआई ने जिस तरह से मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है, उससे माना जा रहा है कि सोमवार को सीबीआई टीम हुडा कार्यालय में दस्तक देगी।
वहीं एक अन्य मामले में इंस्पेक्टर के घूस मांगने के मामले में शुक्रवार देर शाम सीबीआई ने ईपीएफ कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान सीबीआई की टीम ने एक इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने के साथ दो अन्य को हिरासत में लिया है।
सीबीआई की यह छापेमारी सेक्टर-44 स्थित पीएफ ऑफिस में की गई जहां से पीएफ इंस्पेक्टर एसएस सांगवान की गिरफ्तारी हुई है। सूत्रों के मुताबिक इंस्पेक्टर ने एक निजी कंपनी मालिक से ईपीएफ मामला खत्म करने के लिए 35 हजार रुपये मांगे थे।
जिसकी शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। सीबीआई अपने साथ कुछ फाइलें भी ले गई। छापेमारी से कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि कंपनियां कर्मचारियों का ईपीएफ काटती हैं और उतनी ही रकम अपनी ओर से भी जमा करती हैं। इसे लेकर रिटर्न भी भरनी होती है। इसी मामले में गड़बड़ी को लेकर पैसे मांगे गए थे।