देश भर के लोगों से धोखाधड़ी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश, इंजीनियर निकला सरगना
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पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को आईआरडीए (इंश्योरेंस रेग्यूलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी) का सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को इंश्योरेंस पॉलिसी पर बोनस देने का झांसा देता था।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि उनकी टीम को आईआरडीए, आरबीआई, वित्त मंत्रालय समेत अन्य लोगों से ठगी की शिकायत मिली थी। एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
इस बीच 22 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी पश्चिम दिल्ली के तिलक नगर, 1/1 नंबर इमारत में ठगी का गोरखधंधा कर रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी गांव गोलनी, यमुना नगर, हरियाणा निवासी नरेंद्र कुमार उर्फ नवीन कुमार (25) को दबोच लिया।
उसके पास से भारी मात्रा में ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाला सामान मिला। कॉल सेंटर से ये लोग गरीब लोगों के लिए चंदा इकट्ठा करने का झांसा देकर उसे भी डकार जाते थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
ऐसे देता था आरोपी वारदात को अंजाम
नरेंद्र ने बताया कि उसने 80 हजार रुपये महीना पर तिलक नगर इलाके में एक इमारत किराये पर ली थी। वहां इसने अपना कॉल सेंटर खोला। इसमें 35 कर्मचारियों को रखा था, जिन्हें यह छह से 25 हजार रुपये महीना देता था। कॉल सेंटर को इसने इंश्योरेंस, एनजीओ और वेब डिजाइनिंग, तीन भागों में बांटा हुआ था।
इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों की सूचना जुटाकर देश भर में उन्हें कॉल किया जाता था। चल रही पॉलिसी पर बोनस देने का झांसा देकर टैक्सों के नाम पर पीड़ितों से चेक मंगा लिया जाता था। बाद में इस रकम को फर्जी पतों पर खोले गए बैंक खातों में डाल कर निकाल लिया जाता था।
वहीं कॉल सेंटर के कुछ कर्मचारी गरीब लोगों की मदद के लिए कॉल कर चेक मंगाते थे। उन रुपयों को यह डकार जाता था। वहीं इसी कॉल सेंटर से वेब डिजाइनिंग के लिए नरेंद्र ने आठ-दस आईटी एक्सपर्ट को रखा हुआ था।
कौन है पकड़ा गया आरोपी
हरियाणा के यमुना नगर का रहने वाला नरेंद्र मैकेनिकल स्ट्रीम से डिप्लोमा इंजीनियरिंग करने के बाद 2013 में अपने बड़े भाई के पास गुड़गांव आ गया था।
यहां उसने कई कॉल सेंटर में नौकरी की। बाद में उसने 2015 में सिटी केयर के नाम से कंपनी रजिस्टर करा ली। कंपनी के नाम से कॉल सेंटर खोलकर यह धोखाधड़ी करने लगा।