खेलगांव में घर दिलाने का वादा करने वाला गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है जिसने दर्जनों लोगों को अपने झूठ के जाल में फंसाकर उनसे करोड़ों की ठगी की। करीब 12 लोगों से लगभग 5 करोड़ की रकम ऐंठने वाला 45 वर्षीय एक बिजनेसमैन अब दिल्ली पुलिस के कब्जे में है।
इस ठग व्यापारी का नाम है अनिल जैन। अनिल जैन जो ब्रांडेड कपड़ों में सजधज कर बकायदा अपनी बेटी पूर्णिमा के साथ मिलकर लोगों को अपने जाल में फांसता था। दोनों अपने शिकार को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों से यह भरोसा दिलाते थे कि वह खेलगांव में लोगों को फ्लैट्स खरीदने में मदद करेंगे।
दोनों बाप-बेटी बहुत ही शातिराना तरीके से लोगों को खेलगांव में फ्लैट खरीदने के लिए राजी करते थे। अनिल जैन लोगों को यह कहता था कि उसकी बेटी पूर्णिमा उस संस्था के साथ जुड़ी रही है, जिसने खेलगांव विकसित किया है।
जब उनके शिकार को उनपर पूरा भरोसा हो जाता था तो दोनों बाप-बेटी उससे एक बड़ी रकम की मांग करते थे। यह रकम वो उनसे डाउन पेमेंट के रूप में लेते थे, जिसके बदले में दोनों कुछ फर्जी कागजात उपलब्ध करा देते थे।
एक गलती ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
सब कुछ सही जा रहा था पर जैन के सितारे तब गर्दिश में आए जब हैंडीक्राफ्ट का बिजनेस करने वाले बांके बिहारी संथालिया ने जैन के खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार बाप-बेटी की जोड़ी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए कई स्तर पर कोशिश करते थे।
पुलिस के अनुसार अनिल जैन संथालिया की शिकायत पर पुलिस ने कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया था। संथालिया ने अपनी शिकायत में कहा था कि जैन ने अपनी बेटी और अन्य एसोसिएट्स के साथ मिलकर उसके साथ 2.5 करोड़ की धोखाधड़ी की है।
संथालिया का आरोप है कि उसे कॉमनवेल्थ खेलगांव में फ्लैट के नकली कागजात दिए गए थे। पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से अपने ऊपर खतरा मंडराते हुए देखकर पूर्णिमा और जैन के अन्य एसोसिएट ठंडे पड़े हुए हैं।
जैन के ऊपर था 15000 रुपए का इनाम
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि संथालिया और जैन की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। कुछ मुलाकातों के बाद जैन ने संथालिया को सलाह दी कि वह खेलगांव में एक फ्लैट खरीदे।
उसने संथालिया को ये भी भरोसा दिलाया कि वह संथालिया को भारी डिस्काउंट भी दिलवा सकता है क्योंकि उसकी बेटी और दामाद एमार एमजीएफ कंपनी में कार्यरत हैं।
जैन बाद में किसी जेनाब अली नाम के व्यक्ति के साथ भी संथाली से मिला। उसका परिचय जैन ने एमार कंपनी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर के रूप कराया।
संथाली ने केवल जैन से ही नहीं पूर्णिमा से भी एक फ्लैट खरीदने का सौदा किया था। पहले भी दिल्ली पुलिस ने जैन को अपराधी घोषित कर उसका पता बताने वाले को 15000 रुपए इनाम देने की घोषणा की थी।