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ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर पिता-पुत्र की हत्या
अमर उजाला, मोदीनगर
Updated Mon, 26 Oct 2015 12:40 AM IST
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निवाड़ी थाना क्षेत्र के उजैड़ा गांव में शनिवार रात हथियारों से लैस पांच हमलावरों ने बरामदे में सो रहे यूपी पुलिस में सिपाही के पिता और भाई की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
घटनास्थल से पुलिस को 12 और 30 बोर पिस्टल के 13 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या रंजिशन की गई है। हालांकि परिजन रंजिश से इनकार कर रहे हैं। मामले में पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वारदात के बाद से परिवार में कोहराम मचा है।
उजैड़ा गांव में जसपाल उर्फ पप्पू चौधरी (55) परिवार समेत रहते थे। उनका बड़ा बेटा धीरेंद्र प्रताप यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में बिजनौर में तैनात है। छोटा बेटा राहुल (23) पिता के साथ खेती करता था।
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बेटी की शादी हो चुकी है। शनिवार रात करीब दो बजे जसपाल, पत्नी गीता और बेटे राहुल के साथ मकान के बरामदे में सोए थे। मकान की दीवार फांदकर पांच हमलावर हाथों में हथियार लिए पहुंचे। आहट सुन गीता की आंख खुल गई।
गीता ने खड़े होते हुए शोर मचाने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उसे धक्का दिया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद हमलावरों ने सोते हुए जसपाल और राहुल की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
होश में आने पर गीता ने शोर मचाया। दोहरे हत्याकांड की सूचना पर सीओ राजेश सिंह और निवाड़ी एसएचओ डालचंद मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि मौके से बरामद 13 खोखों में आठ खोखे 30 बोर पिस्टल के हैं।
30 बोर पिस्टल का इस्तेमाल अधिकतर शार्प शूटर करते हैं। गीता की ओर से पांच अज्ञात लोगों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कई बिंदुओं पर कर रही है
प्रथम दृष्ट्या पुलिस मामला रंजिशन मान रही है। हालांकि मृतक जसपाल के बड़े भाई ओमकार सिंह का कहना है कि उनके परिवार की किसी से रंजिश या दुश्मनी नहीं है।
1. जसपाल-राहुल को खत्म करना था मकसद
जिस तरह हमलावरों ने बेहोश गीता को छोड़ दिया, उससे लगता है कि उनका मकसद जसपाल और राहुल की हत्या ही करना था।
2. प्रेम प्रसंग या रंजिश हो सकती है वजह
पुलिस को आशंका है कि इस प्रकार मर्डर प्रेम प्रसंग और रंजिश में होते हैं। फिलहाल परिजन किसी से रंजिश होने से इनकार कर रहे हैं।
इसके चलते हर एंगल पर जांच चल रही है। पुराना एक पारिवारिक विवाद राहुल से जुड़ा सामने आया है। उस पर भी जांच चल रही है। शीघ्र ही हत्याकांड का खुलासा होगा।
3. कहीं सिपाही तो नहीं था निशाने पर
परिजनों और ग्रामीणों की मानें तो राहुल उजैड़ा गांव 5 दिन के बाद शनिवार रात लौटा था। वह कस्तला अपनी बहन के घर मातम में गया था।
इसके अलावा बिजनौर में तैनात सिपाही को भी शनिवार को घर लौटना था। किसी वजह से वह नहीं लौट पाया। पुलिस का मानना है कि सिपाही के किसी दुश्मन ने तो वारदात को अंजाम नहीं दिया है।
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घटनास्थल से पुलिस को 12 और 30 बोर पिस्टल के 13 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या रंजिशन की गई है। हालांकि परिजन रंजिश से इनकार कर रहे हैं। मामले में पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वारदात के बाद से परिवार में कोहराम मचा है।
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उजैड़ा गांव में जसपाल उर्फ पप्पू चौधरी (55) परिवार समेत रहते थे। उनका बड़ा बेटा धीरेंद्र प्रताप यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में बिजनौर में तैनात है। छोटा बेटा राहुल (23) पिता के साथ खेती करता था।
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बेटी की शादी हो चुकी है। शनिवार रात करीब दो बजे जसपाल, पत्नी गीता और बेटे राहुल के साथ मकान के बरामदे में सोए थे। मकान की दीवार फांदकर पांच हमलावर हाथों में हथियार लिए पहुंचे। आहट सुन गीता की आंख खुल गई।
गीता ने खड़े होते हुए शोर मचाने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उसे धक्का दिया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद हमलावरों ने सोते हुए जसपाल और राहुल की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
होश में आने पर गीता ने शोर मचाया। दोहरे हत्याकांड की सूचना पर सीओ राजेश सिंह और निवाड़ी एसएचओ डालचंद मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि मौके से बरामद 13 खोखों में आठ खोखे 30 बोर पिस्टल के हैं।
30 बोर पिस्टल का इस्तेमाल अधिकतर शार्प शूटर करते हैं। गीता की ओर से पांच अज्ञात लोगों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कई बिंदुओं पर कर रही है
प्रथम दृष्ट्या पुलिस मामला रंजिशन मान रही है। हालांकि मृतक जसपाल के बड़े भाई ओमकार सिंह का कहना है कि उनके परिवार की किसी से रंजिश या दुश्मनी नहीं है।
1. जसपाल-राहुल को खत्म करना था मकसद
जिस तरह हमलावरों ने बेहोश गीता को छोड़ दिया, उससे लगता है कि उनका मकसद जसपाल और राहुल की हत्या ही करना था।
2. प्रेम प्रसंग या रंजिश हो सकती है वजह
पुलिस को आशंका है कि इस प्रकार मर्डर प्रेम प्रसंग और रंजिश में होते हैं। फिलहाल परिजन किसी से रंजिश होने से इनकार कर रहे हैं।
इसके चलते हर एंगल पर जांच चल रही है। पुराना एक पारिवारिक विवाद राहुल से जुड़ा सामने आया है। उस पर भी जांच चल रही है। शीघ्र ही हत्याकांड का खुलासा होगा।
3. कहीं सिपाही तो नहीं था निशाने पर
परिजनों और ग्रामीणों की मानें तो राहुल उजैड़ा गांव 5 दिन के बाद शनिवार रात लौटा था। वह कस्तला अपनी बहन के घर मातम में गया था।
इसके अलावा बिजनौर में तैनात सिपाही को भी शनिवार को घर लौटना था। किसी वजह से वह नहीं लौट पाया। पुलिस का मानना है कि सिपाही के किसी दुश्मन ने तो वारदात को अंजाम नहीं दिया है।