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'अखिलेश सरकार की नजर में गैंगरेप की कीमत एक लाख रुपये है'

Sun, 31 Jul 2016 09:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 31 Jul 2016 09:28 PM IST
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Bulandshahr mother-daughter rape "rape in the eyes of Akhilesh government is worth a million bucks'
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के हाईवे में नोएडा के परिवार के साथ लूट और मां-बेटी से गैंगरेप की दर्दनाक घटना ने देश को हिलाकर रख दिया, लेकिन अखिलेश सरकार की नजर में रेप की कीमत एक लाख रुपये है।

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पीड़ित नाबालिग बच्ची बुखार से तप रही थी, लेकिन दवाई से लेकर उसके खाने का प्रबंध करने में प्रशासन और पुलिस नाकाम रही है। मां-बेटी को 50-50 हजार रुपये का चेक भेजने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती है। 
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यह कहना है राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम का। बुलंदशहर में हाईवे पर लूट और गैंगरेप मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम बुलंदशहर पहुंची। 
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आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि रेप के बाद पीड़ितों को सबसे पहले मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ काउंसलिंग करवानी चाहिए। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार का प्रशासन पीड़ितों को बुनियादी सुविधा देने में नाकाम रहा है। 

अध्यक्ष का आरोप है कि यूपी पुलिस डीजीपी जावेद अहमद मुख्यमंत्री की ओर से चेक लेकर पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। बुलंदशहर पहुंचकर उन्होंने पीड़ितों से मिलने की बजाय सबसे पहले गार्ड ऑफ ऑनर लिया और उसके बाद घटनास्थल का दौरा किया। 

'पीड़ितों के परिवार से फोन पर भी नहीं करने दी बात'

Bulandshahr mother-daughter rape "rape in the eyes of Akhilesh government is worth a million bucks'
मां-बेटी गैंगरेप घटनास्थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : ANI

इसके बाद आखिर में पीड़ित परिवार से मिलकर चेक दिया। जांच टीम की सदस्य व आयोग सदस्य रेखा शर्मा ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि जब हमारी टीम रविवार सुबह नोएडा पीड़ितों से मिलने पहुंची तो उससे पहले ही पुलिस  परिवार को अपने साथ ले गई। 

आयोग सदस्य ने आरोप लगाया है कि यूपी पुलिस ने आयोग की टीम को पीड़ितों के परिवार से फोन पर बात भी नहीं करने दी और फोन बंद करवा दिया। 

आयोग टीम के बुलंदशहर पहुंचने के बाद भी एक घंटे तक पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया गया। बाद में काफी मुश्किल के बाद पीड़ित परिवार से मिलने दिया गया।

आयोग सदस्य रेखा के मुताबिक, पीड़ित नाबालिग बच्ची (13 वर्ष) को तेज बुखार था और उसे खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया गया था। आयोग के दखल के बाद पुलिस ने बच्ची को अस्पताल से दवा दिलाने के साथ खाने को दिया।

परिवार ने बताया कि बच्ची व मां बेहद डरी हुई हैं, लेकिन कोई काउंसलिंग नहीं करवाई गई। बता दें कि शुक्रवार रात को एनएच 91 में नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे परिवार को कार रुकवाकर लूटपाट करने के बाद मां-बेटी से गैंगरेप किया था।

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