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चलती ट्रेन में चढ़ने के चक्कर में बालक ट्रैक किनारे गिरा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 29 Sep 2015 02:05 AM IST
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सोमवार को सहरसा से गाजियाबाद स्टेशन पहुंची गरीबरथ ट्रेन और प्लेटफार्म के किनारे एक 10 साल का बालक गिर गया। बालक पिता के साथ चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था।
प्लेटफार्म और चलती ट्रेन के बीच करीब दो मिनट तक फंसा रहा, लेकिन उसे खरोंच तक नहीं आई। लोगों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई और बालक को बाहर निकाला।
घटना सोमवार करीब सवा दो बजे प्लेटफार्म नंबर-3 पर हुई। सहरसा से दिल्ली जा रही ट्रेन से सफर कर रहे एक परिवार को गाजियाबाद स्टेशन पर उतरना था।
ट्रेन रुकी तो पिता और 10 साल का बेटा तो नीचे उतर गए, लेकिन उसकी पत्नी व सामान ट्रेन में ही रह गया। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। पत्नी को ट्रेन में ही रह जाता देख पति को उससे बिछुड़ने का डर सताने लगा।
वह फिर से ट्रेन में चढ़ने के लिए बेटे के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ने लगा, लेकिन ट्रेन की स्पीड बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने दोनों को चलती ट्रेन में चढ़ने से रोका, लेकिन वे नहीं माने।
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पिता ने चलती ट्रेन में बेटे को चढ़ाने की कोशिश की और हड़बड़ाहट में पैर फिसलने की वजह वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच गिर गया। दो मिनट तक ट्रेन चलती रही, बालक ट्रैक किनारे पड़ा रहा।
बेटे को अपनी आंखों के सामने ट्रेन के नीचे गिरते देख उसकी मां की चीख निकल गई। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया। ट्रेन रुकने पर बालक को सकुशल बाहर निकाला गया। फिर वे विजयनगर की ओर चले गए।
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प्लेटफार्म और चलती ट्रेन के बीच करीब दो मिनट तक फंसा रहा, लेकिन उसे खरोंच तक नहीं आई। लोगों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई और बालक को बाहर निकाला।
घटना सोमवार करीब सवा दो बजे प्लेटफार्म नंबर-3 पर हुई। सहरसा से दिल्ली जा रही ट्रेन से सफर कर रहे एक परिवार को गाजियाबाद स्टेशन पर उतरना था।
ट्रेन रुकी तो पिता और 10 साल का बेटा तो नीचे उतर गए, लेकिन उसकी पत्नी व सामान ट्रेन में ही रह गया। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। पत्नी को ट्रेन में ही रह जाता देख पति को उससे बिछुड़ने का डर सताने लगा।
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वह फिर से ट्रेन में चढ़ने के लिए बेटे के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ने लगा, लेकिन ट्रेन की स्पीड बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने दोनों को चलती ट्रेन में चढ़ने से रोका, लेकिन वे नहीं माने।
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पिता ने चलती ट्रेन में बेटे को चढ़ाने की कोशिश की और हड़बड़ाहट में पैर फिसलने की वजह वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच गिर गया। दो मिनट तक ट्रेन चलती रही, बालक ट्रैक किनारे पड़ा रहा।
बेटे को अपनी आंखों के सामने ट्रेन के नीचे गिरते देख उसकी मां की चीख निकल गई। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया। ट्रेन रुकने पर बालक को सकुशल बाहर निकाला गया। फिर वे विजयनगर की ओर चले गए।