फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Bisahdha: case registered due to lack of investigation on meat

बिसाहड़ा: मांस की सही जांच न होना बना मामला दर्ज करने की वजह

Sat, 16 Jul 2016 03:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sat, 16 Jul 2016 03:30 AM IST
विज्ञापन
Bisahdha: case registered due to lack of investigation on meat
इकलाख हत्याकांड

बिसाहड़ा मामले में याची सूरजपाल के वकील राजीव त्यागी का कहना है कि इकलाख के परिवार पर गोहत्या का मामला दर्ज होने से गौतमबुद्ध नगर जिला पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए हैं।

विज्ञापन


यदि पहले ही मामला दर्ज किया गया होता तो पुलिस की किरकिरी नहीं होती। आदेश में पुलिस द्वारा वहां मिले मांस की विवेचना न करने से ही अदालत ने मामले में गोवध अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


त्यागी का कहना है कि केवल इकलाख-दानिश पर हमले की विवेचना करना और मांस की विवेचना न करने को न्यायपालिका ने संज्ञान में लिया। सुनवाई के दौरान घायल इकलाख के पास पड़ा मांस कहां से आया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

गोहत्या के मामले में कोई जांच नहीं की गई

Bisahdha: case registered due to lack of investigation on meat

वह किस पशु का था और किसने हत्या की थी। जैसे सवाल खड़े हुए। हमने पुलिस की एकतरफा कार्रवाई बताकर मामला दर्ज कर जांच कराने की गुजारिश की थी। जिला पुलिस ने इस मामले को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

जबकि बिसाहड़ा बवाल का यही बड़ा कारण था। न्यायपालिका ने आदेश में इस बात को भी आधार बनाया कि दोनों ही घटनाएं, चूंकि अलग-अलग दिन हुई हैं। एक ओर जहां गोहत्या 25 सितंबर को हुई थी।

वहीं, इकलाख और दानिश पर हमला 28 सितंबर को हुआ था। हमले के मामले में जहां मामला दर्ज कर जांच की गई और कार्रवाई भी हुई। गोहत्या के मामले में कोई जांच नहीं की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed