दिल्ली: दिनदहाड़े गोली मारकर सिपाही की हत्या
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दिल्ली जाफराबाद थाने में तैनात सिपाही धर्मपाल (26) की शनिवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार दो बदमाशों ने सिपाही की पिस्टल छीनकर उसकी गर्दन और पेट में गोली मार दी और फरार हो गए।
पूरी वारदात एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि हेलमेट पहने होने की वजह से हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। उत्तर पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त आरए संजीव ने कहा कि प्रथमदृष्टया मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से इंद्रगढ़ी, हापुड़ (यूपी) निवासी धर्मपाल 2010 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था। 5 सितंबर से जाफराबाद थाने में तैनात धर्मपाल थाने के बैरक में ही रहता था। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह मौजपुर इलाके के जम्मू मोहल्ले स्थित घरों में हथियारों के लाइसेंस का वेरीफिकेशन कर रहा था।
सिपाही की पिस्टल से ही मारी गोली
इस दौरान वह एक दुकानदार की पिस्टल का वेरीफिकेशन करने के लिए वहां पहुंचा। सिपाही बाइक रोककर खड़ा ही हुआ था, तभी पीछे से काले रंग की पल्सर से हेलमेट पहने दो युवक आए।
इनमें से एक ने खुखरी जैसे हथियार से सिपाही की बेल्ट को काट दिया और पिस्टल निकालकर उसकी कनपटी और पेट में एक-एक गोली मार दी। धर्मपाल की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस सिपाही के परिजनों से पूछताछ कर रही है। इधर, सुंदर नगरी में रहने वाले मामा विजय ने बताया कि धर्मपाल का किसी से कोई विवाद नहीं था।
फुटेज में हमलावरों की तस्वीर साफ नहीं
पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फु टेज से बदमाशों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि तस्वीर धुंधली होने और हेलमेट पहने होने की वजह से हमलावरों की पहचान में परेशानी हो रही है। पुलिस फुटेज को साफ कराने की कोशिश कर रही है।
जुलाई में भी हुई थी सिपाही की हत्या
पुलिस का कहना है कि जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया, इससे साफ जाहिर होता है कि हमलावरों की धर्मपाल से व्यक्तिगत दुश्मनी थी। ऐसे में पुलिस धर्मपाल के पिछले रिकॉर्ड को खंगालेगी।
अधिकारियों के मुताबिक धर्मपाल जाफराबाद से पहले जिन स्थानों पर तैनात था, वहां उसके काम की जांच की जाएगी, ताकि उससे बदमाशों की रंजिश के बारे में कोई जानकारी मिल सके। पुलिस जाफराबाद थाने में धर्मपाल की तैनाती के 20 दिनों को भी जांच में शामिल करेगी।
जाफराबाद थाने में तैनात सिपाही की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले ज्योति नगर में 14 जुलाई को सिपाही शिवराज सिंह की हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने हमलावर की पहचान फौजी के रूप में की थी।
स्पेशल सेल ने 19 अगस्त को खजूरी पुश्ते पर मुठभेड़ में उसे मार गिराया था। पुलिस के मुताबिक धर्मपाल इससे पहले भजनपुरा थाने में तैनात था और सितंबर में ही जाफराबाद आया था। जिस इलाके में उसकी हत्या की गई, धर्मपाल उस इलाके का बीट कांस्टेबल था।