ASI का सुसाइड नोट, डीसीपी समेत 10 पुलिस अफसर खुदकुशी के जिम्मेदार
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सागरपुर गांव में रहने वाले हरियाणा पुलिस के एएसआई महाबीर की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों ने उसके कमरे से छह पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उसने गुड़गांव में तैनात एक डीसीपी समेत दस पुलिस अफसरों पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया है।
मृतक ने सुसाइड नोट में इन पुलिस कर्मियों पर उससे लगातार रुपये मांगने और नौकरी खा जाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने उसे पुलिस को सौंप दिया है।
लेकिन पुलिस अभी इस मामले में अनभिज्ञता जता रही है। ज्ञात हो कि गांव सागरपुर में रहने वाला महाबीर हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत था और गुड़गांव के सिटी थाने में तैनात था।
सामान की जांच की तो मिला छह पन्नों का सुसाइड नोट
बताया गया है कि करीब चार दिन पहले महाबीर सिंह छुट्टी लेकर यहां अपने घर आया था। शुक्रवार को वह घर से निकला था। उसने यहां आईएमटी इलाके में जाकर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था।
पता चलते ही स्थानीय पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचा दिया। जहां कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। उस समय पुलिस ने साधारण आत्महत्या का मामला मानते हुए शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया था।
उसके परिवार के लोगों ने सामान की जांच की तो उन्हें छह पन्नों का एक सुसाइड नोट मिल गया। मृतक के चाचा सोहनलाल और साले दयाचंद ने बताया कि सुसाइड नोट में लिखा है कि महाबीर पुलिस के आला अधिकारियों से काफी परेशान था।
नौकरी खा जाने की दी जा रही थी धमकी
इन पुलिस अधिकारियों में एक डीसीपी, एक एसीपी, एक सेवानिवृत महिला डीएसपी, तीन निरीक्षक, एक एएसआई, इस एएसआई का भाई, एक एमएचसी और अकाउंटेंट शामिल हैं।
आरोप है कि यह लोग उसे धमका कर रुपये ले रहे थे, रुपये न देने की सूरत में उसकी नौकरी खा जाने की धमकी देते थे इसी कारण वह पिछले लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। दयाचंद ने बताया कि महाबीर का लिखा सुसाइड नोट पुलिस को सौंप दिया गया है।
पुलिस उसकी जांच करवा रही है। इस मामले में बल्लभगढ़ के डीसीपी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि अभी सुसाइड नोट उन्हें नहीं मिला है। यदि सुसाइड नोट सही है तो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर किया जाएगा।