दुष्कर्म के मामले में भाजपा नेता रावत की गिरफ्तारी तय, महिला ने कोर्ट में दिया बयान
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कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए हरक सिंह रावत का विवादों से पुराना नाता रहा है। दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने वाले महिला ने उनके खिलाफ 2003 में भी देहरादून में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। हालांकि सीबीआई ने उन्हें मामले में क्लीनचिट दे दी थी।
ताजा मामले में रावत की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि महिला ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत शनिवार दोपहर को कोर्ट में जो बयान दर्ज कराए हैं उसपर पर वह कायम है।
पुलिस भाजपा नेता को पूछताछ के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरक सिंह रावत ने 29 जुलाई को ग्रीन पार्क स्थित अपने घर पर महिला को बुलाया था और उससे पुराने मामले के लिए माफी मांगी।
जब महिला रावत की बातों में आ गई तो उन्होंने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़ित महिला शुक्रवार रात को ही सफदरजंग एंक्लेव थाने पहुंच गई थी।
पहले भी दर्ज हो चुका है छेड़छाड़ का मामला
पुलिस ने रात को ही महिला की मेडिकल जांच कराई थी। महिला ने सिर्फ दुष्कर्म की शिकायत दी है, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है।
हालांकि पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस मामले में सोच समझकर कदम उठाया जा रहा है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं भाजपा नेता के प्रति कोई राजनीतिक षड्यंत्र तो नहीं रचा गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार के दौरान बगावत करने वाले कांग्रेस के नौ विधायकों में हरक सिंह रावत प्रमुख थे। इसके दौरान वे भाजपा में शामिल हो गए। सरकार के बहुमत साबित होने तक वे इस मामले में भी खूब विवादों में रहे।
भाजपा नेता के खिलाफ वर्ष 2014 में एक अन्य महिला ने सफदरजंग एंक्लेव थाने में ही छेड़छाड़ का भी मामला दर्ज कराया था। हालांकि कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने महिला अपने बयानों में पलट गई थी।