विधायक बनने के लिए अमित को होना था फेमस, रच दी कन्हैया व उमर की हत्या की साजिश
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मेरठ का अमित जानी आगामी यूपी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था, जिसके लिए उसने तैयारी पूरी कर ली थी। वह चाहता था कि उसे अच्छी पार्टी से टिकट मिल जाए, जिसके लिए पहचान जरूरी थी। अपने इस मकसद को पूरा करने के लिए उसने देशद्रोह का आरोप झेल रहे कन्हैया कुमार व उमर खालिद को चुना।
ये खुलासा जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार व उमर खालिद की हत्या के लिए बस में हथियार रखने के मुख्य आरोपी अमित जानी ने किया है। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार तिलक मार्ग थाना पुलिस ने दो दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अमित जानी को रविवार को पटियाला कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने अमित जानी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अमित जानी को गत बृहस्पतिवार को ग्रेटर कैलाश इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस इस मामले में अमित जानी के भाई सौरव, उसके दोस्त व चंद्रभान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार अमित जानी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह प्रचार पाना चाहता था, हालांकि वह किसी की हत्या के मूड में नहीं था। अमित जानी को लगता था कि कन्हैया की हत्या की साजिश रचकर उसे प्रचार मिलेगा और पुलिस उसे नहीं पकड़ पाएगी।
अमित जानी ने पुलिस को ये नहीं बताया कि वह हथियार कहां से लेकर आया। जिस व्यक्ति से उसने हथियार लेने की बात कही थी उसने पुलिस पूछताछ में कहा कि अमित जानी से झगड़ा होने की वजह से उसने उसका नाम लिया था।
अमित जानी के घर पर हुई छापेमारी
तिलक मार्ग थाने की एक पुलिस टीम ने रविवार तड़के मेरठ स्थित अमित जानी के घर पर छापेमारी की। पुलिस ने अमित के घर से उसका मोबाइल फोन बरामद किया है। अमित ने वारदात के वक्त इसी मोबाइल का इस्तेमाल किया था, जिसकी कॉल डिटेल निकाल ली गई है।