{"_id":"5752dc924f1c1b7d2f109fb7","slug":"after-the-report-is-not-a-tension-in-bisahdha-a-community-trust-each-other","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिसाहड़ा में रिपोर्ट के बाद नहीं है कोई तनाव, एक समुदाय को दूसरे पर पूरा भरोसा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिसाहड़ा में रिपोर्ट के बाद नहीं है कोई तनाव, एक समुदाय को दूसरे पर पूरा भरोसा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 05 Jun 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
बिसाहड़ा कांड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसाहडा कांड के बाद से लेकर मथुरा की फॉरेंसिंक लैंब से आई रिपोर्ट तक गांव में रहने वाले मुस्लिम परिवार के लोग गांव के लोगों के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं। लेकिन सुरक्षा को लेकर दबी जुबान से गांव के लोगों का भरपूर सहयोग ओर हर दुख सुख में साथ देने की बात करते हैं।
विज्ञापन
मस्जिद के ईमाम ने भाई चारे के लिए तथा सुरक्षा पर हिन्दू समाज पर पूरा भरोसा जताया। बिसाहड़ा गांव में मुस्लिम समाज के लोगों के लिए मस्जिद बनवा कर धर्म के प्रति आस्था जताई थी ।
विज्ञापन
कई पीढी से दोनों समाज के लोग एक दूसरे के त्यौहारों पर घरों पर आना जाना आम बात थी। महिला वकीला का कहना है कि इकलाख व अन्य मुसलमान समुदाय के लोग तो हिन्दूओं के यहां शादी समारोह में मिल-जुलकर एक दूसरे का सहयोग करते थे।
विज्ञापन
समाज के लोग समय समय पर पूछने आ जाते हैं हालचाल
बिसाहड़ा कांड
यह कांड तो कोई बुरी घड़ी आने पर गांव में बनी भाई चारे की मिशाल में रोड़ा बनी थी। साल में एक कुर्बानी तो हर कोई मुस्लिम परिवार देता है उस दिन तो इकलाख के घर पर कुर्बानी भी नहीं दी गई थी। जब बुरा समय आने पर गांव के लोगों ने मिलजुल कर निकाल दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता।
अख्तर का कहना है कि गांव में रहने वाले मुस्लिम परिवार के लोग प्रात: ही अपने काम पर चले जाते हैं। दिन में महिलाएं ही घरों पर रहती है। आपस में खेत खलिहान का काम भी सभी लोग मिल जुलकर कर रहे है।
हिन्दू समाज के लोग समय समय पर हालचाल भी पूछने आ जाते है। ग्राम पंचायत चुनाव में किसी पर कोई दबाव नही दिया गया। सभी लोग जो पूर्व में एक साथ मिलकर रहते थे वैसे ही सभी लोग रह रहे है।
मस्जिद के ईमाम नईम का कहना है कि मथुरा की लैब से बीफ की रिपोर्ट आने के बाद भी गांव में कोई तनाव नहीं है। न्यायालय में मामला विचाराधीन है जो न्यायालय निर्णय देगा वह सभी को मान्य होना चाहिए। समय से सभी लोग नमाज अदा करने से लेकर भाई चारे के लिए तत्पर है।
अख्तर का कहना है कि गांव में रहने वाले मुस्लिम परिवार के लोग प्रात: ही अपने काम पर चले जाते हैं। दिन में महिलाएं ही घरों पर रहती है। आपस में खेत खलिहान का काम भी सभी लोग मिल जुलकर कर रहे है।
हिन्दू समाज के लोग समय समय पर हालचाल भी पूछने आ जाते है। ग्राम पंचायत चुनाव में किसी पर कोई दबाव नही दिया गया। सभी लोग जो पूर्व में एक साथ मिलकर रहते थे वैसे ही सभी लोग रह रहे है।
मस्जिद के ईमाम नईम का कहना है कि मथुरा की लैब से बीफ की रिपोर्ट आने के बाद भी गांव में कोई तनाव नहीं है। न्यायालय में मामला विचाराधीन है जो न्यायालय निर्णय देगा वह सभी को मान्य होना चाहिए। समय से सभी लोग नमाज अदा करने से लेकर भाई चारे के लिए तत्पर है।