6 साल के मासूम से यूपी पुलिस को है खतरा
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गाजियाबाद में यूपी पुलिस से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामना आया है। मुजफ्फरनगर में डेढ़ साल के लड़के पर दंगा भड़कने का केस करने वाली यूपी पुलिस ने यहां एक छह वर्ष के मासूम पर चौंकाने वाला आरोप लगाया है।
रस्सी का सांप बनाने में माहिर यूपी पुलिस के एक दरोगा को छह वर्ष के मासूम से शांतिभंग का खतरा है। दरोगा ने बच्चे शांतिभंग में मुचलका पाबंद करते हुए जेल भेजने की चेतावनी भी दी है। विकलांग पिता बच्चे को आरोप से मुक्त कराने के लिए करीब डेढ़ माह तक अधिकारियों के चक्कर काटता रहा।
सोमवार को जब मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने महाराजपुर चौकी प्रभारी आनंद देव मिश्र को लाइन हाजिर कर दिया है, साथ ही विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बच्चे के अलावा दरोगा ने 14 साल की किशोर को भी मुचलका पाबंद किया है।
कैसे बना मासूम शांतिभंग का आरोपी
महाराजपुर निवासी विकलांग खालिद ने एसएसपी से शिकायत की कि मदरसे की जमीन के विवाद में चौकी इंचार्ज आनंद देव मिश्र ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके परिवार के लोगों को सीआरपीसी की धारा 107/116 के अंतर्गत मुचलके में पाबंद कर दिया है।
दरोगा की रिपोर्ट पर सिटी मजिस्ट्रेट के यहां से नोटिस जारी कर दिया गया। आरोप है कि जमीन के विवाद में दो माह पहले दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे, जिसमें पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि चौकी इंचार्ज ने आरिफ, सगीर और इसराइल के साथ खालिद के बेटे आलिम उर्फ आलिया (छह साल) और हाजी आरिफ के पुत्र सोनू (14) को मुचलके में पाबंद कर दिया।
पहले लगा था महिला से मारपीट का आरोप
आरोप के खिलाफ करीब डेढ़ माह से अधिकारियों के चक्कर काट रहे खालिद ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की गई है। चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच कराई जा रही है।
जिस दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की गई, कुछ समय पहले उस पर एक महिला के साथ मारपीट का आरोप भी लग चुका है। महाराजपुर के रहने वाले एक युवक ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की शिकायत एसएसपी से की थी।