30 किलो सोना लूटकांड में चार और आरोपी कानपुर से दबोचे
साइबर सिटी के न्यू रेलवे रोड स्थित मणप्पुरम फाइनेंस ब्रांच में 9 फरवरी को हुई 33 किलो सोना व 7.80 लाख नकदी लूृटने के मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
आरोपी विकास को कानपुर लेकर गई गुरुग्राम पुलिस ने उसके चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार शाम पुलिस टीम गुरुग्राम लौट आई है। आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस ने इस लूटकांड में 11 फरवरी को चार आरोपियों कानपुर के किदवई नगर निवासी विकास उर्फ अंकु र, फर्रुखनगर निवासी होशियार सिंह उर्फ मनोज सैनी, जींद के गांव बराह निवासी बिजेंद्र और देवेंद्र उर्फ देवा को गिरफ्तार किया था। इनसे पुलिस ने करीब 30 किलो सोना बरामद कर लिया था।
दिनभर विकास उन्हें इधर-उधर घुमाता रहा
इस लूटकांड में विकास गुप्ता द्वारा कानपुर से अपने साथियों को यहां बुलाया गया था जो कि इस वारदात में शामिल रहे थे। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए सेक्टर-17 के प्रभारी नरेंद्र चौहान रविवार को आरोपी विकास को लेकर कानपुर पहुंचे थे।
किराये का मकान बदल लिए जाने के कारण उसके परिजन पुलिस को नहीं मिल सके । गुरुग्राम पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर शहर और आसपास के कई जिलों में विकास के साथियों की तलाश में छापेमारी की।
दिनभर विकास उन्हें इधर-उधर घुमाता रहा। देर रात सख्ती करने पर वह पुलिस टीम को जूही लाल कॉलोनी ले गया। जिसके बाद पुलिस ने जूही लाल कॉलोनी निवासी अरशद उर्फ बेबी खान, वासिक अहमद, सफेद कॉलोनी निवासी दानिश, उस्मानपुर कॉलोनी निवासी मोहम्मद साही को गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों के नंबर सर्विलांस पर लगाए जाएंगे
मंगलवार शाम आरोपियों को गुरुग्राम लेकर पहुंची पुलिस टीम ने अदालत में पेश करके तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया। रविवार को गुरुग्राम के सेक्टर-17 सीआईए प्रभारी नरेंद्र चौहान फोर्स के साथ विकास को लेकर कानपुर शहर पहुंचे थे।
विकास के बताए अनुसार पुलिस किदवई नगर स्थित वाई ब्लॉक में उसके घर पहुंची। वहां मकान मालिक (शुक्लाजी) ने बताया कि विकास के पिता अनूप गुप्ता, मां नीलम और छोटा भाई निशक्त सागर यहां किराए पर रहते थे।
परिवार तीन फरवरी को घर छोड़कर चला गया। अनूप का हींग का कारोबार है। परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल स्विच ऑफ मिले। पुलिस ने पुराने नंबर जुटाए हैं और उन्हें सर्विलांस पर लगाए जाएंगे।
30 जनवरी को आना था घर, शहर से बुलाए थे बदमाश
विकास ने कानपुर पहुंचने के बाद पुलिस को बताया कि पिता अनूप ने उससे मकान बदलने का जिक्र किया था। यह नहीं बताया कि नया ठिकाना कहां देखा है। 30 जनवरी को उसे नया मकान देखने के लिए आना था, लेकिन वह डकैती की साजिश रचने में जुटा रहा।
पुलिस को पता चला कि विकास कई साल पहले नौकरी करने एनसीआर में आया था। इधर विकास का लग्जरी जीवन देख परिजनों को शक हुआ था। पिता अनूप ने कई बार सवाल किया, लेकिन विकास प्रॉपर्टी डीलिंग की कमाई कहकर उन्हें शांत कर देता था। माता-पिता और भाई ने उससे दूरी बना रखी थी।
विकास ने कुछ दिन तक गुरुग्राम में एक कंपनी में नौकरी की। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक कंपनी में काम करने वाले कानपुर के युवकों से हुई। गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के लिए विकास ने उन्हीं का साथ लिया।