शादी के जश्न में छात्रा की मौत पर कोर्ट ने सरकार व पुलिस को किया तलब
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विवाह समारोह में खुशी के दौरान फायरिंग के चलन पर रोक लगाने के लिए ठोस नियम बनाने व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी बेटी की एक बारात में ऐसी ही फायरिंग की चपेट में आने से मौत हो गई और भविष्य में होने वाले हादसों को रोकने के लिए यह जरूरी है।
अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार व पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर जबाव तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई के दौरान पुलिस और सरकार जवाब दे सकते हैं।
याचिकाकर्ता की बेटी की हुई थी फायरिंग में मौत
मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने सभी पक्षों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि बारात व अन्य समारोह में फायरिंग पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा ऐसे मामलों पर नकेल कसने के लिए क्या गाइडलाइन है। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 अगस्त तय की है। खंडपीठ ने यह नोटिस मंगोलपुरी निवासी श्यामसुंदर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया है।
16 अप्रैल को अपने घर की बालकनी में खड़ी 17 वर्षीय अंजली की शादी के दौरान फायरिंग में गोली लगने से मौत हो गई थी।