बच्चों की गवाही पर पिता को उम्रकैद, चाकू से पत्नी का गला काटकर की थी हत्या
अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में उसके बच्चों की गवाही पर पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गवाही के आधार पर माना कि दंपति के बीच तनाव चल रहा था। दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को बच्चों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार बंसल ने उत्तरी दिल्ली निवासी प्रवीण राणा को आजीवन कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दोषी ने चाकू से पत्नी का गला काटकर हत्या कर दी थी। अदालत ने कहा कि दोषी प्रवीण राणा व उसकी पत्नी नेहा के बीच संबंध ठीक नहीं थे। इस बाबत पुलिस में शिकायत भी की गई थी।
जब जज ने पूछा बेटा मां को किसने मारा तो बच्चा बोला- और कौन मारेगा
बच्चों के मुताबिक उनके माता-पिता में हमेशा झगड़ा होता रहता था। अदालत ने जब बेटे से पूछा कि उसकी मां को किसने मारा तो उसने कहा और कौन मारेगा। कोर्ट ने कहा बच्चों का यह जवाब राणा के आचरण के बारे में काफी कुछ कहता है कि उसका व्यवहार मृतका के प्रति कैसा था।
अभियोजन के मुताबिक राणा ने दो मार्च 2017 को अपने भाई को फोन करके कहा कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। इस सूचना पर राणा के भाई व परिजनों ने शव मिलने पर पुलिस को सूचना दी थी।
जिसके बाद प्रवीण राणा को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी प्रवीण राणा ने अपने बचाव में कहा कि उसके परिजनों ने उसे 2014 में संपत्ति से बेदखल कर दिया था। जब उसने अपना हिस्सा मांगा तो उसे किनारे करने के लिये यह साजिश रच दी। कोर्ट ने दोषी की इस दलील को मानने से इंकार कर दिया।