फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Court said DPCC should consider complaint of illegal industrial activities applicants failed to provide detail

Delhi: कोर्ट ने कहा- अवैध औद्योगिक गतिविधियों की शिकायत पर विचार करे DPCC, ब्योरा देने में विफल रहे आवेदक

Tue, 31 Dec 2024 09:17 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 31 Dec 2024 09:17 AM IST
सार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को राजधानी में कृषि भूमि पर औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित शिकायत पर विचार करने को कहा है।

विज्ञापन
Court said DPCC should consider complaint of illegal industrial activities applicants failed to provide detail
एनजीटी - फोटो : संवाद

विस्तार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को राजधानी में कृषि भूमि पर औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित शिकायत पर विचार करने को कहा है। अदालत पश्चिमी दिल्ली के मुंडका गांव में अनाधिकृत औद्योगिक गतिविधियां चलाने के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, लेकिन उसने पाया कि दोनों आवेदक औद्योगिक गतिविधियों का ब्योरा देने में विफल रहे। साथ ही यह भी नहीं बताया कि पहले सक्षम प्राधिकारी से संपर्क किया था अथवा नहीं।

विज्ञापन


एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने आवेदक को डीपीसीसी के सदस्य सचिव के समक्ष एक व्यापक शिकायत करने और सभी प्रासंगिक सामग्री संलग्न करने की अनुमति दी। पीठ ने कहा, डीपीसीसी के सदस्य सचिव उक्त शिकायत की विधिवत जांच करेंगे। साथ ही मौके का निरीक्षण करेंगे। यदि आरोप सही पाया जाता है, तो शिकायत प्राप्त होने की तिथि से आठ हफ्ते के अंदर उचित कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन


आरटीजीएस, नेफ्ट में प्राप्तकर्ता का नाम सत्यापित करने की प्रणाली में लाएं तेजी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक को आरटीजीएस और एनईएफटी (नेफ्ट) भुगतान में प्राप्तकर्ता के नाम को सत्यापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए ऐसी प्रणाली महत्वपूर्ण है। इसमें देरी से हजारों निर्दोष उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने लाभार्थी कौन है, यह जाने बिना भुगतान कर दिया। पीठ ने 21 दिसंबर में आदेश में कहा कि यह प्रणाली सभी बैंकों को लागू करनी चाहिए। अदालत फर्जी वेबसाइटों के जरिये निर्दोष लोगों को ठगने के लिए कुछ संस्थाओं के ट्रेडमार्क के दुरुपयोग से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed