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दुष्कर्म मामले में अदालत की टिप्पणी, संबंधों का नतीजा समझ सकती थी महिला
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Mar 2017 03:13 PM IST
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- फोटो : BBC
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महिला डॉक्टर अपने व आरोपी केे बीच शारीरिक संबंधों को समझने के लिए परिपक्व थी। जिला अदालत ने यह टिप्पणी डॉक्टर से दुष्कर्म व धमकी देने के मामले में आरोपी को बरी करते हुए की। मामला दक्षिण पूर्वी दिल्ली का है।
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साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने आरोपी फरमान खालिद को दुष्कर्म व धमकी के आरोपों से बरी करते हुए कहा कि केस के तथ्य व हालात से साफ है पीड़िता व आरोपी के बीच संबंध सहमतिपूर्ण थे।
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इसकी सहमति पीड़िता ने बिना किसी गलतफहमी से दी थी। उन दोनों के बीच क्या हो रहा था, यह समझने के लिए वह पूरी तरह परिपक्व थी। अदालत ने इस बात पर गौर किया कि दोनों की मुलाकात एक मैट्रीमोनियल साइट के माध्यम से हुई थी। दोनों ने शादी के इरादे से एक-दूसरे के परिवार से मुलाकात की थी।
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महिला डॉक्टर के परिजनों को यह रिश्ता मंजूर था, जबकि आरोपी की मां को यह स्वीकार नहीं था। आरोपी में पीड़िता की जबरदस्त दिलचस्पी थी और वह जानती थी कि आरोपी की मां की आपत्ति के कारण उनकी शादी होना तय नहीं है।
शादी की जिद के बिना क्यों बनाए शारीरिक संबंध
अदालत ने कहा कि शादी के लिए जिद किए बिना वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार हो गई और गर्भवती हो गई। उनके बीच मोबाइल मैसेज और चैट से साफ है कि संबंध बनाने से पहले आरोपी ने उससे कोई धोखा नहीं किया था।
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि सरकारी अस्पताल में दंत चिकित्सक महिला पहले भी एक बार गर्भपात करवा चुकी थी। दूसरा गर्भपात उसकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता था। इसके बाद भी उसने आरोपी से सहमतिपूर्ण शारीरिक संबंध बनाए।
पुलिस के मुताबिक, महिला व आरोपी की मुलाकात अप्रैल 2010 में हुई थी। महिला ने जून 2011 में पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि वह अप्रैल 2011 में गर्भवती हुई थी। आरोपी ने उससे वादा किया था कि अगर वह गर्भपात करवा लेगी, तो वह उससे शादी कर लेगा। वह दोबारा मई 2011 में गर्भवती हो गई, तो आरोपी ने उससे संबंध खत्म करने की धमकी दी।
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि सरकारी अस्पताल में दंत चिकित्सक महिला पहले भी एक बार गर्भपात करवा चुकी थी। दूसरा गर्भपात उसकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता था। इसके बाद भी उसने आरोपी से सहमतिपूर्ण शारीरिक संबंध बनाए।
पुलिस के मुताबिक, महिला व आरोपी की मुलाकात अप्रैल 2010 में हुई थी। महिला ने जून 2011 में पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि वह अप्रैल 2011 में गर्भवती हुई थी। आरोपी ने उससे वादा किया था कि अगर वह गर्भपात करवा लेगी, तो वह उससे शादी कर लेगा। वह दोबारा मई 2011 में गर्भवती हो गई, तो आरोपी ने उससे संबंध खत्म करने की धमकी दी।