अपनों से ही मारे-मारे फिर रहे हैं युवा दंपति
अंतर्जातीय विवाह करने वाले एक नवदंपति को सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस संरक्षण देने का निर्देश दिया है। नवदंपति को खाप पंचायत से जान को खतरा है, लिहाजा शादी केबाद से दोनों छिपते फिर रहे हैं।
न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी पंत और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की अवकाशकालीन पीठ ने हरियाणा पुलिस को फरीदाबाद में गुपचुप तरीके से रह रहे इस नवदंपति को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा है।
साथ ही इस मामले में दिल्ली और हरियाणा को नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं युवती ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि खाप से उसे और उसके पति को जान का खतरा है।
खाप ने दी है जान से मारने की धमकी
स्नातक कक्षा की छात्रा 19 वर्षीय युवती की ओर से पेश वकील सुग्रीव दुबे ने अवकाशकालीन पीठ के समक्ष कहा कि युवती ने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) मेंकाम करने वाले एक युवक से शादी की है।
खाप पंचायत की ओर से नवदंपति को जान से मारने की धमकी मिली है। खाप का कहना है कि अंतर्जातीय विवाह को मंजूरी नहीं दी जा सकती। सुग्रीव दुबे ने पीठ को बताया कि दोनों बालिग हैं।
साथ ही उन्होंने 11 मई को आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र भी पीठ के समक्ष रखा। जिसके बाद पीठ ने हरियाणा पुलिस से नवदंपति को संरक्षण देने के लिए कहा।