कोर्ट का आदेश, यमुना में न बहाएं कुर्बानी का खून
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम के तहत ईद के बकरों की कुर्बानी का खून यमुना में न बहाने का आदेश जारी किया है।
जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश ओजस्वी पार्टी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। साथ ही दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी को नोटिस जारी कर इस मामले से संबंधित दस्तावेज पेश करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 8 अक्तूबर तय की है।
ग्रीन पैनल ने दोनों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है वे आदेश के पालन को सुनिश्चित करें। ईद से ठीक एक दिन पहले ओजस्वी पार्टी की ओर से ओमजी और मुकेश कुमार जैन ने एनजीटी से गुहार लगाई थी कि यमुना में पशुवध का रक्त सीधे बहाया जाता है इससे नदी प्रदूषित होती हैं। जबकि यमुना में फूल और पूजा सामग्री तक फेंकने पर जुर्माना है।
नालियों के जरिये नदी में पहुंचता है खून
याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा कि ईद पर दिल्ली के कई इलाकों में पशुवध होता है। ऐसे में नालियों और नालों के जरिये रक्त यमुना नदी में पहुंचता है।
अभी बरसात का मौसम है, ऐसे में नालियों या नालों में प्रवाह बना रहता है। ऐसे में यदि रक्त नालों या नालियों में जाएगा तो वह सीधे यमुना नदी में पहुंचेगा।
मालूम हो कि ग्रीन ट्रिब्युनल की प्रधान पीठ ने हाल ही में त्यौहारी पर्वों के मौके पर यमुना नदी में प्लास्टिक और पीओपी के साथ हानिकारक रंगो वाली मूर्तियों के विसर्जन पर भी रोक लगाई थी। इसके अलावा सरकार को इसका पालन सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया था।