Delhi: सर्दी से बचने के लिए जलाई थी अंगीठी, दंपती की मौत, दो माह का मासूम बाल-बाल बचा
क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने घटना स्थल का दौरान किया है। शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि सर्दी से बचने के लिए कमरे में जलाई गई अंगीठी की वजह से दम घुटने के कारण दोनों की मौत हुई।
विस्तार
द्वारका इलाके के पोचनपुर गांव में कड़कड़ाती सर्दी से बचने के लिए कमरे में जलाई गई आग एक परिवार के लिए काल बन गई। दम घुटने से युवा दंपती की मौत हो गई जबकि हादसे में इनका दो माह का मासूम बच्चा बाल-बाल बच गया। मृतकों की शिनाख्त मानव (24) और इसकी पत्नी नेहा (21) के रूप में हुई है।
सुबह के समय पास में रहने वाला मानव का छोटा भाई अजय (12) घर पहुंचा तो भैया-भाभी का दरवाजा अंदर से बंद था। अंदर से मासूम आयुष (दो माह) के रोने की आवाज आ रही थी। पड़ोसियों को खबर दी गई तो उन्होंने खिड़की का कांच तोड़ा। अंदर बिस्तर पर मानव व नेहा अचेत पड़े थे।
पड़ोसियों ने दरवाजा तोेड़ा। बाद में मामले की सूचना द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीसीआर की मदद से दंपती व उनके बच्चे को इंदिरा गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया। मासूम आयुष का इलाज जारी है। पुलिस को कमरे से एक तसला बरामद हुआ है।
सर्दी से बचने के लिए दंपती ने इसी में आग जलाई थी। पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को मोर्चरी भेजा। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस परिवार से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही दोनों की मौत की वजहों का खुलासा हो पाएगा।
कुत्तों की देखभाल का काम करता था मानव
मूलरूप से नैपुरा, पनवाड़ी, महोबा, यूपी का रहने वाला मानव अपनी पत्नी नेता और दो माह के बेटे आयुष के साथ द्वारका के पोचनपुर गांव में रहता था। घर से चंद कदमों की दूरी पर मानव की मां गुलाब रानी अपने 12 साल के बेटे के साथ अलग रहती है। मानव पिछले करीब छह-सात साल से दिल्ली में रह रहा था।
यहां वह दीपक नामक कारोबारी के पास उनके पालतु कुत्तों की देखभाल का काम करता था। दीपक ने उसे एक मकान रहने के लिए देकर वहां कुत्ते रखवाए हुए थे। मानव उनके खाने-पीने का ख्याल रखता था। दीपक एक-दो दिन में वहां चक्कर लगाता था। करीब तीन साल पहले मानव ने पालम की रहने वाली नेहा से प्रेम विवाह किया था।
रात को कमरे में जलाई थी आग
पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से दिल्ली में हो रही ठंड के दौरान अक्सर मानव आग जला लिया करता था। मंगलवार रात को उसने अपने कमरे में तसले में आग जलाकर रख दी। कमरे में हवा-आने जाने का कोई रास्ता नहीं था। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि आग की वजह से दंपती का दम घुटा और दोनों की मौत हो गई।
शुरुआती जांच के बाद ऐसा रहा है कि कमरे में जलाई गई अंगीठी के धुंए की वजह से दंपती का दम घुट गया, मामले की छानबीन जारी है, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। - एम. हर्षवर्धन, पुलिस उपायुक्त, द्वारका जिला
बंद कमरे में अंगीठी या ब्लोअर-हीटर चलाकर न सोए
सर्दियों में अकसर लोग कमरा बंद करके कोयले या लकड़ी की अंगीठी जलाकर सोते हैं, लेकिन यह जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि धुएं के कारण बंद कमरे में दम घुटने से लोगों की मौत हो सकती है।
आशंका व्यक्त की जा रही है कि ऐसा ही कुछ द्वारका के पोचनपुर गांव में हुआ। अंगीठी जलाने से कार्बन मोनो ऑक्साइड निकलती है। यह जहरीली गैस सांस की नली से अंदर जाने के बाद दिमाग में खून की सप्लाई बाधित कर देती है। इससे दम घुट जाता है। अंगीठी ही नहीं, रूम हीटर या ब्लोअर भी बंद कमरे में ऐसी जहरीली गैसें बना देते हैं, जो जीवन के लिए संकट खड़ा कर सकती हैं।
यह बरतें सावधानी...
. जिन कमरों में हवा निकलने का रास्ता न हो, वहां अंगीठी जलाकर बिल्कुल न सोए।
. लोग कमरा इसलिए बंद कर लेते हैं कि अंगीठी की गर्मी से गर्मी बनी रहे, लेकिन यह भूल जाते हैं कि कमरे में धुआं भी भरेगा।
. चूल्हा जलाते समय भी घर की खिड़कियां, रोशनदान और दरवाजे खोल कर रखें। इससे कमरे में वेंटिलेशन बना रहेगा। धुएं को निकलने का रास्ता मिलेगा।
. जहां हवा-आने जाने का रास्ता न हो वहां कमरे में कभी आग न जलाएं।
. बहुत देर तक ब्लोअर, हीटर या फिर आग के सामने बैठने से ड्राईनेस की समस्या हो सकती है, ऐसा न करें।
. बहुत देर तक हीटर-ब्लोअर और आग के संपर्क में रहने से त्वचा की कुदरती नमी प्रभावित होती है।