{"_id":"5b561d934f1c1b4e748b6998","slug":"couple-died-after-a-house-collapsed-near-dwarka-at-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"द्वारका नॉर्थ में मकान की छत गिरी, दंपति की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
द्वारका नॉर्थ में मकान की छत गिरी, दंपति की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:55 PM IST
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश के दौरान मकान व बिल्डिंग गिरने का सिलसिला जारी है। रविवार देर रात द्वारका नॉर्थ के हरि विहार कालोनी में एक मकान की छत भरभराकर गिर गई। मलबे में दंपति व उनके तीन बच्चे दब गए।
स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर पांचों घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दंपती सुनील (40) और उनकी पत्नी रचना (40) को मृत घोषित कर दिया। जबकि वैभव (19), गुलशन (16) और गुनगुन (9) का डीडीयू अस्पताल में इलाज किया गया। गुनगुन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वैभव और गुलशन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद दंपती का शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से गांव धामरई, इटावा निवासी सुनील परिवार के साथ आरजेड-92, हरि विहार, ककराला में 30 गज के मकान रहते थे।
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परिवार में पत्नी रचना, तीन बच्चे वैभव, गुलशन और गुनगुन हैं। सुनील मादीपुर में चप्पल फैक्टरी में काम करते थे। वैभव बीएससी, गुलशन 11वीं और गुनगुन तीसरी कक्षा की छात्रा है।
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स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर पांचों घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दंपती सुनील (40) और उनकी पत्नी रचना (40) को मृत घोषित कर दिया। जबकि वैभव (19), गुलशन (16) और गुनगुन (9) का डीडीयू अस्पताल में इलाज किया गया। गुनगुन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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वैभव और गुलशन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद दंपती का शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से गांव धामरई, इटावा निवासी सुनील परिवार के साथ आरजेड-92, हरि विहार, ककराला में 30 गज के मकान रहते थे।
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परिवार में पत्नी रचना, तीन बच्चे वैभव, गुलशन और गुनगुन हैं। सुनील मादीपुर में चप्पल फैक्टरी में काम करते थे। वैभव बीएससी, गुलशन 11वीं और गुनगुन तीसरी कक्षा की छात्रा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 20 साल पहले सुनील ने मकान खरीदा था, जिसकी छत पटिया और टी-आयरन से बनी हुई थी। बारिश के दौरान छत टपकने लगती थी। गत वर्ष सुनील ने छत की मरम्मत भी कराई थी लेकिन बारिश होने पर पानी का रिसाव हो रहा था।
रविवार रात करीब 11.00 बजे सुनील का परिवार खाना खाकर सो गया। सुनील, रचना और गुनगुन जमीन पर बिस्तर डालकर सो गए। जबकि वैभव व गुलशन बेड पर सो रहे थे। अचानक रात करीब 12.30 बजे मकान की छत भरभराकर गिर गई।
स्थानीय लोग तेज आवाज सुनकर दौड़े। सुनील के मेन गेट पर ताला लगा था। किसी तरह लोग ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और मलबा हटाकर परिजनों को निकाला। दंपति व गुनगुन को मलबे से निकालने में 15-20 मिनट लग गए। इसी बीच बचाव दल भी आ गया। घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां सुनील व रचना को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गल गई थी छत में लगी टी-आयरन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मकान की छत जर्जर हो चुकी थी। बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव होने से टी-आयरन बुरी तरह जंग खा चुके थे। इधर, कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण छत पर पानी जमा हो रहा था, जिससे रविवार रात को हादसा हो गया।
रविवार रात करीब 11.00 बजे सुनील का परिवार खाना खाकर सो गया। सुनील, रचना और गुनगुन जमीन पर बिस्तर डालकर सो गए। जबकि वैभव व गुलशन बेड पर सो रहे थे। अचानक रात करीब 12.30 बजे मकान की छत भरभराकर गिर गई।
स्थानीय लोग तेज आवाज सुनकर दौड़े। सुनील के मेन गेट पर ताला लगा था। किसी तरह लोग ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और मलबा हटाकर परिजनों को निकाला। दंपति व गुनगुन को मलबे से निकालने में 15-20 मिनट लग गए। इसी बीच बचाव दल भी आ गया। घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां सुनील व रचना को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गल गई थी छत में लगी टी-आयरन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मकान की छत जर्जर हो चुकी थी। बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव होने से टी-आयरन बुरी तरह जंग खा चुके थे। इधर, कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण छत पर पानी जमा हो रहा था, जिससे रविवार रात को हादसा हो गया।