फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Corruption in cleaning of drains of Palam, ACB will investigate, Lieutenant Governor VK Saxena gave orders

नालों की सफाई में भ्रष्टाचार: ठेकेदार को किया गया 80 करोड़ का फर्जी भुगतान, एसीबी करेगी जांच, एलजी ने दिए आदेश

Tue, 10 Sep 2024 05:43 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 10 Sep 2024 05:43 AM IST
सार

इस मामले में नजफगढ़ वार्ड से पार्षद अमित खरखड़ी ने एलजी को एक शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि परियोजना में शामिल अधिकारी सार्वजनिक धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। सफाई के काम में गंभीर भ्रष्टचार हुआ है।

विज्ञापन
Corruption in cleaning of drains of Palam, ACB will investigate, Lieutenant Governor VK Saxena gave orders
वीके सक्सेना - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पालम में नालों की सफाई के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से करवाने का आदेश दिया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों पर करीब 80 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग करने का आरोप है। बताया गया कि पालम क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी के साउथ वेस्ट रोड-1 और साउथ वेस्ट रोड-2 डिवीजनों में किए गए डी-सिल्टिंग कार्य में भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में एलजी के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


मामले में नजफगढ़ वार्ड से पार्षद अमित खरखड़ी ने एलजी को एक शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि परियोजना में शामिल अधिकारी सार्वजनिक धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। सफाई के काम में गंभीर भ्रष्टचार हुआ है। इस काम में एक ही ठेकेदार सुरेन्द्र सिंह को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उसे निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए नालों की सफाई का ठेका दिया गया। एलजी ने इस मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारियों से मामले की कार्रवाई रिपोर्ट जल्द से जल्द सचिवालय को भेजने को कहा है।  

विज्ञापन

इन पर लगा आरोप
शिकायतकर्ता ने कार्यकारी अभियंता आशीष गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता अजय कुमार मीना, सहायक अभियंता धर्म सिंह मीना के साथ ठेकेदार सुरेन्द्र सिंह और अन्य पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों पर गलत काम करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा गया कि दोनों डिवीजन के अधीक्षण अभियंता राजपाल शिवरेन और शैलेंद्र मिश्रा, मुख्य अभियंता, दक्षिण (एम) मनोज कुमार अग्रवाल मामले में आरोपी हैं। यह परियोजना उनकी देखरेख में हुई। ऐसे में इनकी मिलीभगत की आशंका है। इसके अलावा पूर्व अभियंता और सहायक अभियंता पर भी अंगुली उठाई गई है।

शिकायत में यह तथ्य

  • 2022 के मानसून के दौरान नालों की सफाई में भ्रष्टाचार
  • जाफरपुर में सीवरेज पंप लगाने में अनियमितता
  • एक ही कार्य के लिए दोहरा भुगतान
  • कागजों में हुए हैं कई विकास कार्य  
  • उप-विभाग निविदाओं का दुरुपयोग
  • निविदा नियमों का उल्लंघन
  • निविदा दरों में अत्यधिक वृद्धि
  • चार सालों तक गलत बिल लगाना
  • आरटीआई अनुरोधों में बाधा डालना

नाले में डूबे मां-बेटे के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देगा डीडीए
डीडीए ने कहा कि गाजीपुर पेपर मार्केट के पास खुला नाला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। लिहाजा इस नाले में गत 31 जुलाई को एक महिला व बच्चे की डूबकर मृत्यु होने के मामले में उपराज्यपाल पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं और राजधानी निवासियों को भ्रमित किया जा रहा है। वहीं डीडीए ने कोर्ट के निर्देश के तहत मृतक महिला व उनके बच्चे के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का एलान किया है। डीडीए के अनुसार, वह मुआवजा राशि किसी प्रकार की स्वीकार्यता या दायित्व के बिना पूरी तरह से मानवता की दृष्टि से दे रहा है। इसका उद्देश्य मृतकों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। जबकि घटना घटने वाला खुला नाला एमसीडी के क्षेत्राधिकार में आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed