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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Corporation embroiled in financial crisis, no permission to spend on development works

Delhi NCR News: वित्तीय संकट में उलझा निगम, विकास कार्यों पर खर्च की इजाजत नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 09:21 PM IST
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निगम आयुक्त ने लगाई नॉन प्लांड हेड के खर्चे पर रोक
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एमसीडी के सभी विभाग प्रमुखों को जारी किए गए निर्देश



अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली नगर निगम भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है। इसलिए अत्यंत जरूरी कार्यों पर भी निगम आयुक्त की इजाजत के बिना खर्चा करने की इजाजत नहीं है। निगम को अपने कर्मचारियों को सैलरी देने में दिक्कत हो रही है। इसलिए निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती ने एमसीडी के नॉन प्लांड हेड के खर्चों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागाध्यक्षों को ये निर्देश दे दिए गए हैं।

एमसीडी के पास प्लांड और नॉन प्लांड हेड में पैसे होते हैं। प्लांड हेड में एमसीडी को केंद्र व दिल्ली सरकार से पैसे मिलते है। ये फंड पहले से ही तय होता है कि इसे कहां खर्च करना है। जबकि, नॉन प्लांड फंड में निगम को विभिन्न कर, लाइसेंस फीस, पार्किंग फीस से पैसे मिलते है। निगम से जुड़े सभी निर्माण कार्य, लैंडफिल साइटों की सफाई पर अतिरिक्त खर्च, पार्कों के रखरखाव, अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और प्राइमरी स्कूलो में अतिरिक्त सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी ये फंड इस्तेमाल होता है। खास कर गलियों और बैकलेन की मरम्मत में ये फंड खर्च होता है। स्ट्रीट लाइटें बदली जाती हैं। निगम पार्षदों को वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए नॉन प्लांड फंड से पैसे मिलते है। नॉन प्लांड फंड के खर्चों पर रोक लगाए जाने से निगम से जुड़े विकास कार्य प्रभावित होंगे।
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निगम कर्मियों को नहीं मिल पा रही सैलरी-पेंशन
नॉन प्लांड हेड का सबसे बड़ा हिस्सा निगम कर्मियों की सैलरी-पेंशन पर खर्च होता है। लेकिन, वित्तीय संकट के कारण कर्मचारियों को उनकी सैलरी और पेंशन समय पर देने में समस्या हो रही। इनके कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं दे पाने का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार से कोर्ट में इस मामले की हर दिन सुनवाई होगी।
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निगम आयुक्त की अनुमति बिना नहीं होगा खर्च
विषम परिस्तिथियों में निगम आयुक्त ने निर्देश देते हुए कहा है कि निगम की मौजूदा वित्तीय स्थिति, संचित नकदी और देनदारी को ध्यान में रखते हुए नॉन प्लांड हेड से खर्चे को रोकने का निर्णय लिया गया है। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित दिया है कि यदि जरूरी परिस्थिति में नॉन प्लांड हेड से खर्च करना भी पड़ रहा हो तो इसके लिए निगम आयुक्त से अनुमति लेना महत्वपूर्ण होगा।
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