#LadengeCoronaSe: दिल्ली में क्वारंटीन हुए घरों के कचरे से संक्रमण फैलने का खतरा, छूटे एमसीडी के पसीने!
- कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका में हजारों लोग/घर हुए क्वारंटीन
- इन घरों/लोगों से निकल रहे कचरे से कोरोना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा मंडराया
- बायोलोजिकल वेस्ट की तरह हो रहा निबटान
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कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका में दिल्ली में हजारों लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। इनमें से बहुत से लोगों को विशेष बनाए गए वार्ड्स में तो कई को उनके घरों में ही क्वारंटीन किया गया है। वहीं क्वारंटीन हुए घरों से निकल रहा कचरा एमसीडी की टेंशन बढ़ा रहा है। हालांकि एमसीडी के कर्मचारी कचरे के निस्तारण करने में पूरी तरह से सावधानी बरत रहे हैं।
लेकिन इन्हीं घरों से निकलने वाले कचरे से कोरोना संक्रमण फैलने की बड़ी आशंका बनी हुई है। लेकिन एजेंसियों का कहना है कि इस तरह से निकल रहे कचरे को विशेष विधि से खत्म किया जा रहा है और इनसे संक्रमण फैलने का कोई खतरा नहीं है।
एलएनजेपी अस्पताल के एमएस किशोर सिंह ने अमर उजाला को बताया कि इन मरीजों से निकलने वाले कचरे को बायोलॉजिकल वेस्ट की तरह ट्रीट किया जा रहा है। इन अलग किये गये कमरों से निकलने वाले कचरे को विशेष पीले रंग की पन्नियों में एकत्र कर एक सेंटर में ले जाकर जला दिया जाता है।
इस प्रकार इन कचरों से किसी प्रकार का संक्रमण नहीं होने दिया जा रहा है। इस कचरे को एकत्र करने के समय भी विशेष ध्यान रखा जाता है और इन्हें एकत्र करने वाले सफाई कर्मचारी भी सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं।
किशोर सिंह के मुताबिक इन मरीजों के घरों/कमरों में इस्तेमाल हो रहे टॉवल या अन्य कपड़ों को सोडियम हाइड्रोक्लोराईट के एक प्रतिशत के घोल में एक घंटे तक रखा जा रहा है। इससे कपड़ों में होने वाला कोई भी इंफेक्शन पूरी तरह नष्ट हो जाता है।
इसके अलावा इन घरों/कमरों के हैंडल/बार या अन्य चीजों को भी विशेष घोल से संक्रमण मुक्त बनाया जा रहा है। स्वयं मरीजों या इनकी देखभाल कर रहे लोगों को भी संक्रमण रोकने के तरीके सिखाये जा रहे हैं। इससे संक्रमण को आगे फैलने से रोक दिया जा रहा है।
कैसे रोक रहे संक्रमण
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अडिशनल एमएचओ शोम शेखर ने बताया कि शाहदरा दक्षिण में लगभग 500 घरों/लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इसी प्रकार शाहदरा उत्तर में भी लगभग 150 लोगों को क्वारंटीन में रहने का निर्देश दिया गया है। यह संख्या घटती/बढ़ती रहती है। इन घरों से कचरा उठाने में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
इन घरों के अंदर विशेष स्वास्थ्यकर्मी सफाई कर रहे हैं। लेकिन इन घरों के बाहर संपर्क में आने वाले दरवाजे/हैंडल, गेट या अन्य चीजों के साथ-साथ इन घरों के पड़ोस के घरों को भी सोडियम हाइड्रोक्लोराईट के घोल से संक्रमण मुक्त किया जा रहा है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने में बड़ी मदद मिल रही है।
उन्होंने बताया कि जिस समय उनके विशेष स्वास्थ्यकर्मी इन घरों की सफाई करते हैं, ठीक उसी समय उनके अन्य कर्मी आसपास के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग सिखाते हैं। इस तरह समाज के अन्य लोगों को भी कोरोना के खतरे से आगाह किया जा रहा है। इस काम में स्थानीय लोगों की मदद भी मिल रही है।
ईडीएमसी के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि उन्हें लगभग एक तिहाई कम कर्मचारियों से निगम का काम चलाना पड़ रहा है क्योंकि निगम ने अपने 55 वर्ष से ऊपर या बीमार कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए छुट्टी दे दिया है।
लेकिन इस समय पब्लिक की सड़कों पर आवाजाही कम होने से सफाई का काम आसानी से हो जा रहा है और इसमें कोई बाधा नहीं आ रही है।