रिश्तों पर भी पड़ने लगा कोरोना का असर, वायरस के डर से अपने शहर लौट रहे दिल्ली-एनसीआर के लोग
कोरोना वायरस का असर अब रिश्तों एवं रोजगार पर भी पड़ने लगा है। दिल्ली-एनसीआर में इसके असर को देखते हुए दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले रिश्तेदार गुरुग्राम आने से बचने लगे हैं।
वहीं अपने परिचितों से मिलने आए लोग भी अब वापस अपने शहर लौट रहे हैं। उधर, रोजगार करने आए लोगों में कोरोना वायरस का खौफ इस कदर बैठ गया है कि बाहर से आकर नौकरी करने वालों ने अपने घरों का रुख करना शुरू कर दिया है।
गुरुग्राम में कोरोना के 645 संदिग्ध केस सामने आ गए हैं। इससे शहरवासियों के मन में भी डर बैठने लगा है। इन दिनों छात्रों की वार्षिक परीक्षा चल रही हैं। प्राथमिक कक्षाओं तक के छात्रों को मंगलवार तक वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के साथ ही छुट्टियां समाप्त हो जाएंगी।
छुट्टियों में परिचितों के घर जाने के बनाए गए कार्यक्रम को कई लोगों ने रद्द कर दिया है। सुनील ने बताया कि उनका मौसेरा भाई भोपाल में रहता है। 18 मार्च को उसको गुरुग्राम घूमने के लिए आना था, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में कोरोना के संदिग्ध केस सामने आने के बाद उसने कार्यक्रम रद्द कर दिया।
वह दिल्ली एनसीआर में आने पर स्वयं को भी इससे पीड़ित होने की संभावना जता रहा है। जितेंद्र ने बताया कि जयपुर में उनकी रिश्तेदार रहती हैं। बच्चों की वार्षिक परीक्षा समाप्त होने के बाद हर साल वह उनके घर एक सप्ताह के लिए रहने आती हैं।
एनसीआर में कोरोना के संदिग्ध मामले सामने आने की जानकारी मिली तो उसने गुरुग्राम आने से इंकार कर दिया। वहीं भिवानी निवासी ओम प्रकाश दहिया ने बताया कि वह गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
कोरोना वायरस के संदिग्ध मामले सामने आने के बाद उनका परिवार घबराया हुआ है। ऑफिस से छुट्टी ले ली हैं और अब कुछ दिनों के लिए परिवार को लेकर गांव भिवानी जा रहा हूं। गांव के साफ वातावरण में परिवार को सुरक्षित रहेगा।