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दिल्ली में कोरोना: 28 दिन से 100 से नीचे बनी हुई है दैनिक संक्रमितों की संख्या, साल में पहली बार इतने अच्छे हालात
Mon, 02 Aug 2021 07:28 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 02 Aug 2021 07:28 PM IST
सार
विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में करीब चार सप्ताह से संक्रमण बेदम है, लेकिन अन्य राज्यों में जिस प्रकार से मामले बढ़ रहे हैं। वह चिंता का विषय है। अब लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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कोरोना जांच
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
राजधानी में कोरोना का ग्राफ पिछले करीब 28 दिनों से स्थिर है। दैनिक मामले 100 से नीचे हैं और संक्रमण दर भी 0.50 प्रतिशत से कम बनी हुई है। देशभर में भी कोरोना के हालातों को देखें तो अन्य बड़े राज्यों की तुलना में दिल्ली में स्थिति सबसे बेहतर हैं। इस समय देश में संक्रमण के जितने मामले आ रहे हैं। उसमें दिल्ली के महज 0.10 फीसदी हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में करीब चार सप्ताह से संक्रमण बेदम है, लेकिन अन्य राज्यों में जिस प्रकार से मामले बढ़ रहे हैं। वह चिंता का विषय है। अब लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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दिल्ली में पिछले चार सप्ताह में कुल 1796 मामले आए हैं और 59 संक्रमितों की मौत हुई है। इस लिहाज से देखें तो रोजाना औसतन 65 संक्रमित मिले हैं और दो मौतें हुई है। इस साल ऐसा पहली बार है जब करीब चार सप्ताह तक वायरस के नए मामले का औसतन 70 से नीचे हैं।
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साथ ही सक्रिय मरीज भी 550 से 600 के बीच बने हुए हैं। रोजाना करीब 75 हजार जांच होने पर भी संक्रमण दर 0.50 फीसदी से नीचे बनी हुई है। यह सभी आंकड़े बताते हैं की लंबे समय बाद कोरोना से हालात इतने बेहतर हुए हैं।
एम्स के डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि दिल्ली में कोरोना के काबू में रहने के चार कारण है। पहला यह है कि दूसरी लहर में करीब 80 फीसदी आबादी संक्रमित हो चुकी है। इन सभी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है। दूसरा यह है कि अभी यहां कोरोना के वायरस का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। इससे संक्रमण नहीं फैल रहा है।
तीसरा यह है कि लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। चौथा यह है कि सरकार टेस्ट, टैक, आईसोलेट और वैक्सीनेशन की नीति को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। सही समय पर लोगों की जांच कर उन्हें आईसोलेट किया जा रहा है और अधिक से अधिक टीकाकरण हो रहा है।
दक्षिण भारत में बढ़ रहे मामले खतरे का संकेत, लापरवाही न करें
फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर विकास मौर्या के मुताबिक, वायरस फिलहाल काबू में है, लेकिन इसी तरह नियमों का पालन करने की जरूरत है। अगर लापरवाही बरती गई तो अगले कुछ सप्ताह में कोरोना के मामले फिर से बढ़ सकते हैं। डॉक्टर विकास का कहना है कि अभी यह समझना होगा कि वायरस का प्रसार कम हुआ है, लेकिन यह खत्म नहीं हुआ है। जितनी अधिक सावधानी बरती जाएगी तीसरी लहर के खतरे को उतना ही कम किया जा सकेगा। खासकर इस बात को ध्यान में रखना चाहिए की दक्षिण भारत के कई राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में वहां से दिल्ली में भी संक्रमण का प्रसार हो सकता है। अब लोगों को चाहिए की वह वेवजह भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।