कोरोना पर सियासत : सत्येंद्र जैन बोले- हमारी केंद्र सरकार से लड़ाई नहीं, मरीजों का होना चाहिए बेहतर इलाज
- दिल्ली सरकार ने कैंप लगाकर बड़े पैमाने पर सभी लोगों को वैक्सीन देने की केंद्र से अनुमति मांगी
- सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वैक्सीन को लेकर उनका केंद्र के साथ कोई विवाद नहीं है
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वैक्सीन को लेकर उनका केंद्र के साथ कोई विवाद नहीं है। दिल्ली सरकार केवल यही चाहती है कि उसके सभी नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर रहे और लोगों को कोरोना से बचाया जा सके। इसके लिए केंद्र सरकार के नियम आड़े आ रहे हैं जिसके कारण सभी लोगों का टीकाकरण नहीं किया जा पा रहा है। इसलिए वे चाहते हैं कि केंद्र सरकार नियमों में ढील दे जिससे हर वर्ग को टीका लगाना सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसे राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
गुरुवार को एक प्रेस वार्ता करते हुए सत्येंद्र जैन ने कहा कि अभी सरकार ने एक निश्चित आयु वर्ग के लोगों को ही टीका लगाने का निर्देश दिया हुआ है, लेकिन अब देखने में आ रहा है कि कोरोना कम आयु वर्ग के युवाओं और बच्चों पर भी हमला कर रहा है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे सबको टीका लगाएं और उनकी सुरक्षा तय करें। लेकिन केंद्र के नियम उन्हें यह करने की अनुमति नहीं दे रहे जिससे टकराव की स्थिति बन रही है। लेकिन यह राजनीति का विषय नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर टकराव नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के अंदर कोविड जांच की क्षमता को बढ़ा दिया गया है और दिल्ली में बुधवार को 90 हजार लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कल 1,25,000 से ज्यादा कोरोना के नए मामले आए थे, जो पिछली बार आई कोरोना की लहरों में सबसे अधिक है।
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण दर 25 फीसद है। छत्तीसगढ़ में यह दर 18 फीसद है और देश के अन्य कई राज्यों में संक्रमण दर 10 फीसद से अधिक चल रही है। वहीं, दिल्ली में अभी कोरोना संक्रमण की दर 6 फीसद से थोड़ी ऊपर चल रही है, जो अन्य राज्यों के मुकाबले कम है। पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की प्रवृत्ति एक जैसी चल रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार आरोप लगा रही है कि दिल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन कम हुआ है। यह आरोप पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों के 75 फीसद स्वास्थ्य कर्मचारियों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। वहीं, केंद्र सरकार के अस्पतालों में 30 से 40 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन हुआ है।