दिल्ली में लगातार दूसरे दिन घटा कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा, 1674 नए मामले, 63 की मौत
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दिल्ली में सोमवार को कोरोना वायरस के 1674 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 3818 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। कोरोना वायरस से सोमवार को 63 लोगों की मौत हुई है। राजधानी में पिछले 10 दिनों में मृत्यु दर 2.14 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि पिछले 24 घंटों में पॉजिटिविटी रेट 3.15 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
Delhi reports 1,674 new #COVID19 cases, 3,818 recoveries and 63 deaths today.
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Total cases 5,93,924
Total recoveries 5,61,732
Death toll 9,706
Active cases 22,486 pic.twitter.com/7NVZo15riL — ANI (@ANI) December 7, 2020
दिल्ली में सोमवार को 53207 कोरोना जांच की गई हैं। इसमें 21362 आरटी-पीसीआर जांच और 31845 रैपिड एंटीजन जांच शामिल की गई हैं। राजधानी में अब तक कुल 67,93,919 कोरोना जांच की गई हैं।
दिल्ली में अब तक कुल 5,93,924 कोरोना संक्रमितों की पु्ष्टि हुई है। इसमें से 5,61,732 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। कोरोना वायरस से दिल्ली में अब तक कुल 9706 मरीजों की मौत हुई है। दिल्ली में अभी पॉजिटिविटी रेट 8.74 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु दर 1.63 प्रतिशत है। राजधानी में अभी कुल 22486 सक्रिय मरीज हैं। इसमें से 14279 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
रैपिड एंजीजन के कचरे के सुरक्षित निपटान का प्रबंध करे सरकार: हाईकोर्ट
उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार कोविड-19 के रैपिड एंटीजन परीक्षण के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के सुरक्षित निपटान के लिए सभी निर्धारित सुरक्षा उपायों, दिशा-निर्देशों और मानदंडों का पालन करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ ने इस मामले में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को अदालत के आदेशों का पालन न होने पर पुन: याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी।
अधिवक्ता पंकज मेहता द्वारा दायर जनहित याचिका में कोरोन वायरस के परीक्षण में अपशिष्ट निपटान पर विशिष्ट दिशा-निर्देश बनाने और राजधानी में कोविड-19 परीक्षण केंद्रों में सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस्तेमाल किए गए वेस्टेज को सार्वजनिक स्थल पर फेंका जा रहा है।
उन्होंने दक्षिणी-पूर्व दिल्ली के लाजपत नगर स्थित जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय में कोविड परीक्षण के लिए इस्तेमाल किए गए वेस्टेज कके पड़े ढेर का हवाला दिया। उन्होंने कहा इससे संक्रमण फैल सकता है। इतना ही नहीं यह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 3 जुलाई को जारी दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन है। याची ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन के मौलिक अधिकारों का भी हनन है। ऐसे में अदालत इस मामले में हस्तक्षेप उचित दिशा-निर्देश जारी करें।