कोरोना वायरस की थर्ड स्टेज, क्या इस संभावना को तोड़ पाएगी भारत की ये सक्रियता
लोगों को एक जगह पर एकत्रित होने से रोकना और कोरोना के संदिग्धों की टेस्ट सुविधा को ज्यादा से ज्यादा इलाकों तक पहुंचाना, अगर ये सब होता है तो थर्ड स्टेज को रोकना मुश्किल भी नहीं है।
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आईटीबीपी के छावला स्थित क्वारंटाइन सेंटर के डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि अब सब सक्रिय हो गए हैं। हो सकता है कि यही सक्रियता कोरोना वायरस की थर्ड स्टेज को आने से रोक दे। हां, सरकार को अब कड़ी सख्ताई करनी होगी।
लोगों को एक जगह पर एकत्रित होने से रोकना और कोरोना के संदिग्ध लोगों की टेस्ट सुविधा को ज्यादा से ज्यादा इलाकों तक पहुंचाना, ये सब होता है तो थर्ड स्टेज को रोकना मुश्किल भी नहीं है।
डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के टेस्ट को लेकर भारत में कुछ नए कदम उठाने होंगे। भारत ऐसी स्थिति में नहीं है कि अब कुछ सोचा जाए। अब केवल करने का वक्त है। जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि देश में टेस्ट सुविधा को बढ़ाना सबसे ज्यादा जरुरी है।
डॉ. राजकुमार बताते हैं कि हमारा देश कोरोना वायरस के थर्ड स्टेज पर जाने की संभावना के करीब है, लेकिन उससे पहले ही इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। अभी तक यह बीमारी केवल विदेश से आने वाले लोगों के संपर्क में आने से फैल रही है। यदि इसकी थर्ड स्टेज आती है तो उससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
वह बताते हैं कि 55 या 60 साल से अधिक आयु वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी होगी। उनमें भी ऐसे लोग जो कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हैं। अगर कोई छोटा बच्चा है और किसी वजह से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो ऐसी स्थिति में उसकी विशेष देखभाल करनी होगी।
थर्ड स्टेज में किसी भी आयु वर्ग का कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में आता है तो वह आसानी से ठीक भी हो सकता है। वह 14 दिन तक कोरेंटाइन सेंटर में जाएं और नियमित दवाएं लें। अब तो सरकार ने सभी लोगों को इतनी जानकारी दे दी है कि कोरोना का कोई भी संदिग्ध घर या होटल में भी कोरेंटाइन की व्यवस्था कर सकता है।
आइसोलेशन प्रक्रिया घर पर भी संभव है। अभी कोरोना वायरस की जो क्षमता सामने आ रही है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि एक पीड़ित व्यक्ति कम से कम चार पांच लोगों को प्रभावित करता है। डॉक्टरों के मुताबिक, थर्ड स्टेज में हमें ज्यादा से ज्यादा कोरेंटाइन सेंटर्स की जरूरत पड़ेगी।
सरकार अब सरकारी लैब के अलावा प्राइवेट लैब पर भी कोरोना टेस्ट सुविधा शुरू कर रही है। कोरोना से बचने का एक उपाय लॉक डाउन भी है। यदि भारत में थर्ड स्टेज आती है तो उस हालत में पूरी तरह से लॉक डाउन करना होगा।