ICMR के अधिकतम सीमा हटाने के बाद भी निजी अस्पतालों और लैब्स ने नहीं बढ़ाए कोरोना टेस्ट के रेट
- राजधानी के शीर्ष निजी अस्पतालों ने दिखाया मानवीय रुख, कोरोना टेस्ट के दाम बढ़ाने से इंकार
- कोरोना के मामलों में तेज बढ़ोतरी से टेस्ट में हो सकता है तेज इजाफा
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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने मंगलवार को कोरोना जांच के मूल्य की अधिकतम सीमा को हटा लिया है। लेकिन इसके बाद भी राजधानी के अधिकांश बड़े अस्पतालों ने कोरोना टेस्ट का मूल्य नहीं बढ़ाया है।
दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगाराम अस्पताल में कोरोना जांच का आरटी-पीसीआर टेस्ट अभी भी 4500 रुपये में ही हो रहा है। जिन मरीजों को बार-बार कोरोना टेस्ट कराना पड़ रहा है, उनसे केवल 3600 रुपये ही लिए जा रहे हैं।
इसी प्रकार सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बीएल कपूर अस्पताल में भी कोरोना की जांच इसी मूल्य पर की जा रही है।
सबसे बड़े प्राइवेट टेस्टिंग सेंटर डॉक्टर लाल पैथलैब्स के एक अधिकारी ने बताया कि लैब में कोरोना टेस्ट के मूल्यों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। लेकिन अभी भी यह लैब के कुछ चुने हुए सेंटरों पर ही किया जा रहा है।
लैब की कोशिश है कि जल्द से जल्द राजधानी के अन्य सेंटरों पर भी कोरोना टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए।
दिल्ली-नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल ने अपने मरीजों के लिए कोरोना टेस्ट की सुविधा दूसरी जांच एजेंसियों को सौंप रखी है, लेकिन यहां भी कोरोना टेस्ट के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
इस दौरान राजधानी में कोरोना के मामले रिकॉर्ड तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। अब तक कोरोना के लगभग पांच सौ से छह सौ मामले रोज सामने आ रहे थे, लेकिन बुधवार को पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 792 नए मामले दर्ज किए गये।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिस प्रकार से दिल्ली के बाजारों को खोला जा रहा है, कोरोना के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। इसके सात ही कोरोना टेस्ट की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
दिल्ली देश के उन सबसे प्रमुख प्रांतों में है जहां कोरोना टेस्ट सबसे ज्यादा संख्या में किये जा रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 1,84,362 टेस्ट किए जा चुके हैं। राजधानी में 11 सरकारी लैब के अलावा 13 प्राइवेट लैब भी कोरोना टेस्ट (आरटी-पीसीआर टेस्ट) कर रही हैं।
जांच में देरी से निबटने की हो रही कोशिश- सत्येंद्र जैन
राजधानी में कोरोना टेस्ट के परिणाम देरी से आने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई अस्पतालों में मरीजों को इसके लिए तीन से चार दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
कोरोना जांच में हो रही देरी के सवाल पर दिल्ली के स्वास्थ्यमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में पूरे देश में सबसे ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं।
नोएडा के कुछ सेंटरों से रिपोर्ट के देर से आने की शिकायतें मिली थीं, लेकिन इससे निबटने की कोशिश की जा रही है।
स्वास्थ्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना टेस्ट करने वाले सेंटरों की संख्या भी बढ़ाने पर विचार हो रहा है। प्राइवेट अस्पतालों के साथ जुड़ने से भी जांच और उपचार में व्यवस्था बेहतर बनेगी।