'सिंह इज ब्लिंग' को लेकर सिख कमेटी में विवाद
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फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की हिंदी फिल्म ‘सिंह इज ब्लिंग’ को लेकर शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के बीच विवाद पैदा हो गया है।
ये दोनों संस्थाएं एक दूसरे पर तंज कसने लगीं हैं। डीएसजीपीसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ पर धौंस जमाने का आरोप मढ़ा है। उन्होंने कहा कि मक्कड़ दिल्ली कमेटी के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप न करें।
बता दें कि ‘सिंह इज ब्लिंग’ फिल्म के आपत्तिजनक अंश व पोस्टर को लेकर दिल्ली के सिख समुदाय शुरू से नाराजगी जता रहे हैं। पिछले दिनों एक शिष्टमंडल मुंबई भी गया था और अक्षय कुमार से बातचीत कर विवादित अंश को हटाने पर सहमति बनाई थी।
अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से अक्षय कुमार की बात भी कराई गई थी। इसके बाद जत्थेदार मक्कड़ ने अमृतसर में एक प्रेसवार्ता कर अक्षय कुमार को चेतावनी देने के साथ ही दिल्ली कमेटी को भी आड़े हाथों लिया था।
दिल्ली कमेटी में प्रेस कांफ्रेस को लेकर नाराजगी
इस प्रेस वार्ता के बयानों को लेकर ही दिल्ली कमेटी में नाराजगी है। मनजीत सिंह जीके ने साफ शब्दों में कहा कि एसजीपीसी पंथ बड़े भाई है इसलिए बड़े भाई को छोटे भाई पर धौंस नहीं जमानी चाहिए।
दिल्ली प्रबंधक कमेटी शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व काम कर रही है और सिख मसले पर बोलने का अधिकार रखती है।
जीके ने जर्मनी के योगाश्रम विवाद पर एसजीपीसी को गलत ठहराया। जीके ने बताया कि बीते दिनों जर्मनी के योगाश्रम में गुरुवाणी के दुरुपयोग का मामला सामने आने पर दिल्ली कमेटी ने ऐतराज किया था।
जिसपर योगाश्रम ने गलती सुधार ली थी। बावजूद एसजीपीसी ने इस मामले में जांच कमेटी बना दी है।