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नकली बिल लगाकर ठेकेदार कर रहे घोटाला, केजरीवाल के रिश्तेदार पर आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Jan 2017 11:41 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग में ठेकेदार मैटेरियल का नकली बिल लगाकर निर्माण में घोटाला कर रहे हैं। सरकारी आकलन के हिसाब से जो काम 100 रुपये का बनता है, उसे 50 रुपये में करने का टेंडर डालकर घटिया सामग्री या बिना निर्माण भुगतान का खेल भी चल रहा है। ये आरोप सूचना के अधिकार अधिनियम से मिली जानकारी और बिक्री कर विभाग से की गई पड़ताल के बाद रोड एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (राको) ने लगाए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और जांच करने की मांग की है।
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राको के संस्थापक राहुल शर्मा ने एसीबी में लोक निर्माण विभाग में चल रहे इस तरह के भ्रष्टाचार और घोटालों की शिकायत की है। संवाददाता सम्मेलन में शर्मा ने शिकायत प्रति देने के साथ ही आरोप लगाया कि शुरुआत में जो तथ्य सामने आए हैं, उसमें मैसर्स रेनू कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 4.90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले नाले के निर्माण का ठेका 46 फीसदी कम में लिया।
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इसके संचालक सुरेंद्र कुमार बंसल ने निर्माण सामग्री खरीद के जो बिल लगाए हैं, वे फर्जी हैं। दिल्ली सरकार के बिक्री कर विभाग ने उन बिलों की जांच करके कहा है कि मैसर्स महादेव इंपैक्स ने इस दौरान कोई बिजनेस ही नहीं किया है। साथ ही तीन अन्य कंपनियों ने भी इसी तरह का घपला किया है। संगठन का कहना है कि जब निर्माण कार्य का निरीक्षण करने का आवेदन पीडब्ल्यूडी को दिया, तो उन्होंने निरीक्षण कराने से भी मना कर दिया।
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राहुल शर्मा ने एसीबी को भेजी शिकायत में कहा है कि रेनू कंस्ट्रक्शन नाम की जिस कंपनी ने एक करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बिल लगाए हैं, वो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नजदीकी रिश्तेदार (साढ़ू) की है। उन्होंने एसीबी से इस पूरे मामले में केजरीवाल की भूमिका की जांच की मांग भी की है।
शर्मा का दावा है कि संगठन ने पीडब्ल्यूडी के रजिस्टर से ऐसे ठेके छांटे, जो अनुमानित लागत से करीब-करीब 40-50 फीसदी कम पर लिए गए थे। उसके बाद 151 आरटीआई लगाई हैं। उसमें करीब 250 करोड़ रुपये के काम में घपले की आशंका सामने आई। संगठन ने एसीबी को दी गई शिकायत में पीडब्ल्यूडी के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पीके कथूरिया के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करके जांच की मांग की है।