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ग्रेटर नोएडा में बड़ा फर्जीवाड़ा: नकली दस्तावेजों से 95 करोड़ की जमीन बेचने की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार
Tue, 04 Mar 2025 03:52 PM IST
श्याम जी.
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: श्याम जी.
Updated Tue, 04 Mar 2025 03:52 PM IST
सार
ग्रेटर नोएडा में फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए ऐसे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की जमीन बेचने की साजिश कर रहे थे।
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आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिसरख कोतवाली पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए ऐसे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की जमीन बेचने की साजिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार (पानीपत, हरियाणा), सिराजुद्दीन (मेरठ) और महेंद्र कुमार (बुलंदशहर) के रूप में हुई है। गिरोह के अन्य सदस्य बलिंदर, जनक गुर्जर, जनेश्वर और रोहित अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, किसान बही, खसरा-खतौनी की नकली प्रतियां और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
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डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी ग्राम शाहवेरी, थाना बिसरख स्थित खसरा संख्या 168 में स्थित 2.009 हेक्टेयर जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने की साजिश रच रहे थे। यह जमीन डासना नगर पंचायत के चेयरमैन मुजाहिद हुसैन के नाम पर दर्ज है।
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95 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई
गिरोह ने फर्जी मुजाहिद हुसैन बनाकर उसकी फोटो लगाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, किसान बही, खसरा और खतौनी तैयार करवाई और इसे 95 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई। पीड़ित ने 28 फरवरी को थाना बिसरख में इस फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने चार मार्च को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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लोकल इंटेलिजेंस की मदद ली
पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद ली। आरोपी जब चार मार्च को ग्राम शाहवेरी स्थित खसरा नंबर 168 पर कार से जमीन का भौतिक सत्यापन करने पहुंचे, तभी पुलिस टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी पहले भी इस तरह के फर्जीवाड़े में लिप्त रहे हैं।
200 करोड़ रुपये का लोन मंजूर कराने की कोशिश में थे आरोपी
पूछताछ में पता चला कि वे पहले भी जमीन के जाली दस्तावेज तैयार कर उन्हें ऊंची कीमत पर बेचने का काम कर चुके हैं। इस मामले में आरोपी पटियाला कोर्ट में 200 करोड़ रुपये का लोन भी मंजूर कराने की कोशिश में थे और इसके लिए यश बैंक में तीन खाते भी खुलवाए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, किसान बही, खसरा, खतौनी, तीन मोबाइल फोन और एक होंडा अमेज कार बरामद की गई है।
गिरोह का नेटवर्क और आगे की कार्रवाई
गिरोह का मुख्य सदस्य महेंद्र कुमार पटवारी, तहसील के अंदरूनी संपर्कों का फायदा उठाकर जाली दस्तावेज तैयार करवाता था। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।