कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल पर अधिकतम वैट 20 फीसदी पर कर दिया था फिक्स, लेकिन 'आप' ने किया था ये बदलाव
- दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 71.26 रुपये प्रति लीटर (1.67 रुपये महंगा) हुआ
- डीजल 69.29 रुपये प्रति लीटर (7.10 रुपये महंगा) हुआ
- पेट्रोल पर वैट 27 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी और डीजल पर 16.75 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी किया
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इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 71.26 रुपये प्रति लीटर और डीजल 69.29 प्रति लीटर हो गया है। कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की अपील की है।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि उनकी पार्टी के शासनकाल में पेट्रोल पर वैट दर 20 फीसदी और डीजल पर 12.5 फीसदी हुआ करती थी। बाद में वैट एक्ट 2004 लाकर इसके अधिकतम वैट दरें लगाने का फैसला किया गया था।
इसके अनुसार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को अधिकतम 20 फीसदी पर फिक्स कर दिया गया था।
अजय माकन ने कहा कि उनकी सरकार ने यह फैसला जनता के हक में लिया था। लेकिन आम आदमी के नाम पर सत्ता में आई अरविंद केजरीवाल सरकार ने 30 जून 2015 को इस एक्ट को बदल दिया और इसे अधिकतम 30 फीसदी के दर तक पहुंचा दिया।
वैट की दरों के लिहाज से कहें तो इस समय दिल्ली में पेट्रोल और डीजल का मूल्य अपने अधिकतम स्तर पर है। ऐसा तब हो रहा है जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें ऐतिहासिक गिरावट पर बनी हुई हैं, लेकिन दिल्ली सरकार जनता के हितों के बारे में नहीं सोच रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता के सामने अकसर कई मुद्दों पर लड़ते दिखने वाली भाजपा ने भी आम आदमी पार्टी सरकार के इस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
उपराज्यपाल ने सरकार के इस फैसले पर अपनी सहमति जता दी, जिसके बाद यह कानून बन गया। उन्होंने कहा कि अगर यह फैसला नहीं लिया गया होता, तो आज दिल्ली में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत लोगों की पहुंच में होती।