खुलासा: पर्यावरण मंत्रालय से भी दस्तावेज चोरी
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कई मंत्रालयों से गोपनीय दस्तावेज चोरी के आरोप में गिरफ्तार लोकेश ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से भी गोपनीय दस्तावेज चोरी किए थे। आरोपी के इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंत्रालय के जोरबाग स्थित कार्यालय में छापेमारी की।
क्राइम ब्रांच ने बुधवार दोपहर पर्यावरण मंत्रालय में तैनात संयुक्त सचिव के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी के पीए नागपाल को हरीनगर से हिरासत में ले लिया। देर रात तक उससे पूछताछ जारी थी।
पेट्रोलियम, कोयला, ऊर्जा और रक्षा मंत्रालय के बाद पर्यावरण मंत्रालय पांचवां मंत्रालय है, जहां आरोपियों ने सेंध लगा लगाई। क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंत्रालयों से करीब सात वर्षों से गोपनीय दस्तावेज चुरा रहे लोकेश ने पूछताछ में बताया किवह पर्यावरण मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज चुरा रहा था।
इस तरह से लीक होते थे कागजात
वह मंत्रालय के जोरबाग स्थित कार्यालय में तैनात संयुक्त सचिव के पीए नागपाल से गोपनीय दस्तावेज लेता था। नागपाल को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के चाणक्यपुरी स्थित कार्यालय में लाया गया है। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।
गौरतलब है कि पुलिस ने लोकेश को पांच दिन के रिमांड पर ले रखा है। लोकेश के खुलासे के बाद पेट्रोलियम, कोयला और ऊर्जा मंत्रालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कई कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
दूसरी ओर क्राइम ब्रांच की टीम मामले में गिरफ्तार वीरेंद्र सिंह को रक्षा मंत्रालय ले गई। छापेमारी के दौरान वीरेंद्र की निशानदेही पर काफी कागजात बरामद किए गए। पुलिस उसे रक्षा मंत्रालय के एल ब्लॉक स्थित कार्यालय में उन स्थानों पर ले गई, जहां से वह गोपनीय दस्तावेज लेता था। उसने लालता प्रसाद को रक्षा मंत्रालय का खाली आईकार्ड और लैटरहेड दिए थे।