आप के 27 विधायकों के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत
आम आदमी पार्टी (आप) की मुश्किलें थमती नहीं दिख रही है। सोमवार को 27 विधायकों के खिलाफ चुनाव आयोग में दूसरी शिकायत पहुंची है। आरोप है कि यह मामला भी ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे में आता है।
खास बात यह है कि 27 में से आठ विधायक संसदीय सचिव भी हैं। चुनाव आयोग को नई शिकायत कानून के एक छात्र विभोर आनंद ने दी है।
आरोप लगाया है कि सभी 27 विधायक अपने-अपने इलाके के सरकारी अस्पतालों की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं।
इन विधायकों पर ये हैं आरोप
जबकि केंद्र सरकार की 2015 की गाइडलाइन के हिसाब से स्वास्थ्य मंत्री, क्षेत्रीय सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी ही रोगी कल्याण समिति का अध्यक्ष बन सकते हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक केवल इस समिति का सदस्य ही बन सकता है या मनोनीत किया जा सकता है। पांच अस्पतालों में समिति की अध्यक्ष अलका लांबा का इस बारे में कहना है कि चुनाव आयोग से नोटिस आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
सरकार ने नियुक्तियां सोच-समझकर की हैं। पिछली सरकार में पूर्व विधायक प्रह्लाद साहनी भी थाना लेवल कमेटी और रोगी कल्याण समिति में रह चुके हैं।