जेएनयू कैंपस में बीफ पर बनी फिल्म दिखाने पर हुआ हंगामा
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बीफ पर बनी डॉक्यूमेंट्री कॉस्ट ऑन द मेन्यू कार्ड की स्क्रीनिंग को लेकर रविवार रात जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में खूब हंगामा हुआ। हंगामे को देखते हुए जेएनयू कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी गई है।
हालांकि आइसा और बाफसा इस फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर खबर लिखे जाने तक अड़े रहे। मगर पुलिस और जेएनयू प्रशासन ने विवाद को देखते हुए फिल्म स्क्रीनिंग के लिए आए सामान को कैंपस से बाहर भिजवा दिया।
खबर लिखे जाने तक पुलिस की मौजूदगी में हंगामा जारी था। डॉक्यूमेंट्री कॉस्ट ऑन द मेन्यू कार्ड की स्क्रीनिंग पर सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से अनुमति नहीं है।
बाफसा इसे आजादी से जोड़कर रविवार को फिल्म की स्क्रीनिंग जेएनयू के साबरमती हॉस्टल लॉन में करने की घोषणा शनिवार को ही कर दी थी। बताया जा रहा है कि पहले हॉस्टल प्रशासन ने इस फिल्म की अनुमति दे दी थी।
रोक के बाद छात्र संगठन आइसा और बाफसा इसे लेकर अड़ गए हैं
लेकिन रविवार सुबह जब बीफ विवाद से जुड़ी फिल्म होने की खबर जेएनयू प्रशासन के पास पहुंची तो फिल्म पर रोक लगा दी गई। जेएनयू प्रशासन के रोक के बाद छात्र संगठन आइसा और बाफसा इसे लेकर अड़ गए हैं।
उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद फिल्म के विरोध में सामने आ गया। रविवार शाम से फिल्म को लेकर हंगामा शुरू हो गया। खबर लिखे जाने तक यह हंगामा जारी है। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही।
बताते चलें कि कॉस्ट ऑन द मेन्यू कार्ड फिल्म बीफ का व्यापार करने वाले लोगों पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म है। इस फिल्म को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के स्टूडेंट ने बनाया है। पहले यह फिल्म दिल्ली में चल रहे 12वें जीविका एशिया लाइवलीहुड डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाना था। लेकिन सूचना प्रसारण मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलने के कारण वहां फिल्म नहीं दिखाई गई।